इनसाइड स्टोरी....
आप विधायक असिस्टेंट टाउन प्लानर के साथ मिलकर लंबे समय से खेल रहा था भ्रष्टाचार का खेल
-बिल्डिंग वॉयलेशन के 80 नोटिस बरामद, इन सभी केस में सेटलमेंट के लिए जाने थे करोड़ों रुपये
-एटीपी सुखदेव वशिष्ट लोगों को जो नोटिस भेजता था, उसका न रिकॉर्ड और न ही डिस्पैच रजिस्टर में होती थी एंट्री
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/जालंधर। विजिलेंस ने आप विधायक रमन अरोड़ा और जालंधर नगर निगम के असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) सुखदेव वशिष्ट के वॉयलेशन नोटिस के पूरे गठजोड़ का पर्दाफाश किया है। बड़ी बात यह कि विजिलेंस ने इस दौरान 80 नोटिस बरामद किए हैं, जिनकी सेटलमेंट की एवज में आप विधायक रमन अरोड़ा और एटीपी सुखदेव वशिष्ट मोटी रकम वसूलने की फिराक में थे। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि 14 मई को इंजीनियर एंड बिल्डिंग डिजाइनर्स एसोसिएशन जालंधर के तीन पदाधिकारियों ने एक शिकायत दी। इस शिकायत में आरोप लगाए गए कि एटीपी सुखदेव वशिष्ठ क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से पैसे की मांग करता हैं और लोगों को उनकी इमारतों को सील या गिराने की धमकी देता है। इस शिकायत की तहकीकात के बाद विजिलेंस ने एटीपी सुखदेव वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को विधायक रमन अरोड़ा के घर से कई दस्तावेज, नोटिस और अन्य सामान बरामद किया है, जिनकी विजिलेंस जांच कर रही है।
लोगों को भेजे गए नोटिस को रिकॉर्ड में नहीं लिया गया
विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि एटीपी सुखदेव वशिष्ठ लोगों को रेजिडेंशियल, काॅमर्शियल, बूथों और अन्य साइट्स के जो बिल्डिंग बायलॉज के वॉयलेशन से जुड़े जो नोटिस भेजता था, उन्हें रिकॉर्ड पर नहीं चढ़ाता था। एटीपी ने ऐसे 80 के करीब नोटिस लोगों को भेजे थे। इन नोटिस को न तो डिस्पैच रजिस्टर और न ही रिकॉर्ड में लिया गया था। अधिकतर नोटिस पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई नहीं की गई। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि असिस्टेंट टाउन प्लान लोगों को बिल्डिंग वॉयलेशन का नोटिस भेजता था, फिर लोग अपनी बिल्डिंग के सील या तोड़े जाने के डर से आप विधायक रमन अरोड़ा के पास मामले को रफादफा करने के लिए जाते थे।
विजिलेंस ने बताया कि आप विधायक रमन अरोड़ा जब लोगों से नोटिस की सेटलमेंट की बात कर लेता था, तब एटीपी को बोलकर संबंधित व्यक्ति के बिल्डिंग वॉयलेशन के नोटिस पर कार्रवाई को रोक देता था। बड़ी बात यह कि एटीपी सुखदेव वशिष्ठ पठानकोट में सीनियर ड्राफ्ट्समैन के पद पर असल रूप में तैनात है, जालंधर म्युनिसिपल काॅरपोरेशन के एटीपी का उसके पार अतिरिक्त कार्यभार है, लेकिन 2022 से एटीपी सुखदेव वशिष्ठ इसी पद पर सेवाएं दे रहा है।
60-40 में बंटता था पैसा
विजिलेंस के एक अधिकारी ने बताया कि असिस्टेंट टाउन प्लानर सुखदेव वशिष्ठ की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि आप विधायक रमन अरोड़ा और एटीपी के बीच लोगों को भेजे जाने वाले बिल्डिंग वॉयलेशन के नोटिस के सेटलमेंट के रूप में जो उपरी कमाई भ्रष्टाचार का पैसा आता था, वह 60-40 में बंटता था। ऊपरी कमाई का 60 प्रतिशत आप विधायक रमन अरोड़ा रखता था और 40 फीसद एटीपी रखता था।
आप विधायक असिस्टेंट टाउन प्लानर के साथ मिलकर लंबे समय से खेल रहा था भ्रष्टाचार का खेल
-बिल्डिंग वॉयलेशन के 80 नोटिस बरामद, इन सभी केस में सेटलमेंट के लिए जाने थे करोड़ों रुपये
-एटीपी सुखदेव वशिष्ट लोगों को जो नोटिस भेजता था, उसका न रिकॉर्ड और न ही डिस्पैच रजिस्टर में होती थी एंट्री
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विजिलेंस ने आप विधायक रमन अरोड़ा और जालंधर नगर निगम के असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) सुखदेव वशिष्ट के वॉयलेशन नोटिस के पूरे गठजोड़ का पर्दाफाश किया है। बड़ी बात यह कि विजिलेंस ने इस दौरान 80 नोटिस बरामद किए हैं, जिनकी सेटलमेंट की एवज में आप विधायक रमन अरोड़ा और एटीपी सुखदेव वशिष्ट मोटी रकम वसूलने की फिराक में थे। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि 14 मई को इंजीनियर एंड बिल्डिंग डिजाइनर्स एसोसिएशन जालंधर के तीन पदाधिकारियों ने एक शिकायत दी। इस शिकायत में आरोप लगाए गए कि एटीपी सुखदेव वशिष्ठ क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से पैसे की मांग करता हैं और लोगों को उनकी इमारतों को सील या गिराने की धमकी देता है। इस शिकायत की तहकीकात के बाद विजिलेंस ने एटीपी सुखदेव वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को विधायक रमन अरोड़ा के घर से कई दस्तावेज, नोटिस और अन्य सामान बरामद किया है, जिनकी विजिलेंस जांच कर रही है।
लोगों को भेजे गए नोटिस को रिकॉर्ड में नहीं लिया गया
विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि एटीपी सुखदेव वशिष्ठ लोगों को रेजिडेंशियल, काॅमर्शियल, बूथों और अन्य साइट्स के जो बिल्डिंग बायलॉज के वॉयलेशन से जुड़े जो नोटिस भेजता था, उन्हें रिकॉर्ड पर नहीं चढ़ाता था। एटीपी ने ऐसे 80 के करीब नोटिस लोगों को भेजे थे। इन नोटिस को न तो डिस्पैच रजिस्टर और न ही रिकॉर्ड में लिया गया था। अधिकतर नोटिस पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई नहीं की गई। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि असिस्टेंट टाउन प्लान लोगों को बिल्डिंग वॉयलेशन का नोटिस भेजता था, फिर लोग अपनी बिल्डिंग के सील या तोड़े जाने के डर से आप विधायक रमन अरोड़ा के पास मामले को रफादफा करने के लिए जाते थे।
विजिलेंस ने बताया कि आप विधायक रमन अरोड़ा जब लोगों से नोटिस की सेटलमेंट की बात कर लेता था, तब एटीपी को बोलकर संबंधित व्यक्ति के बिल्डिंग वॉयलेशन के नोटिस पर कार्रवाई को रोक देता था। बड़ी बात यह कि एटीपी सुखदेव वशिष्ठ पठानकोट में सीनियर ड्राफ्ट्समैन के पद पर असल रूप में तैनात है, जालंधर म्युनिसिपल काॅरपोरेशन के एटीपी का उसके पार अतिरिक्त कार्यभार है, लेकिन 2022 से एटीपी सुखदेव वशिष्ठ इसी पद पर सेवाएं दे रहा है।
60-40 में बंटता था पैसा
विजिलेंस के एक अधिकारी ने बताया कि असिस्टेंट टाउन प्लानर सुखदेव वशिष्ठ की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि आप विधायक रमन अरोड़ा और एटीपी के बीच लोगों को भेजे जाने वाले बिल्डिंग वॉयलेशन के नोटिस के सेटलमेंट के रूप में जो उपरी कमाई भ्रष्टाचार का पैसा आता था, वह 60-40 में बंटता था। ऊपरी कमाई का 60 प्रतिशत आप विधायक रमन अरोड़ा रखता था और 40 फीसद एटीपी रखता था।