-पार्टी में महासचिव के चार पद, पहले दो ही महासचिव थे पंजाब में
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सुरिंदर पाल
जालंधर। जालंधर में आप विधायक रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी और भ्रष्टाचार के मामलों के बाद आप ने पंजाब में अपनी साख सुधारने की कोशिश शुरू कर दी है। प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर को कुंद करने के लिए पार्टी ने अभी से मैदान तैयार करना शुरू कर दिया है। पार्टी की तरफ से नए चेहरों को आगे लाकर जिम्मेदारियां दी गई हैं।
2022 में पंजाब में आप के एक ही महासचिव का पद होता था। यह दिग्गज नेता हरचंद सिंह बरसट के पास था। बरसट सियासत के पुराने मंझे खिलाड़ी हैं, लिहाजा पार्टी ने उनको बड़ी जिम्मेदारी दे रखी थी। इसके बाद बटाला से पूर्व मंत्री सेवा सिंह सेखवां के बेटे जगरूप सिंह सेखवां को महासचिव बनाया गया। जगरूप सेखवां आप के राष्ट्रीय महासचिव संदीप पाठक की गुड बुक में थे और जालंधर में सुशील रिंकू को आप में लाने और उसकी जीत में अहम भूमिका अदा की थी। अब पार्टी ने दो बड़े चेहरों को महासचिव की कुर्सी देकर संख्या चार कर दी है। जालंधर से दीपक बाली को महासचिव बनाया गया है। बाली हिंदू नेता हैं और पंजाबी भाषा के लिए लंबी जंग लड़ते आ रहे हैं। मौजूदा समय में बाली पंजाब कल्चर बोर्ड से सलाहकार हैं। वहीं उनकी निकटता आप के दिग्गज विजय नायर, स्पीकर कुलतार संधवां व सांसद मीत हेयर के साथ है। बाली दोआबा में पार्टी के चाणक्य हैं और उन्होंने ही एक बड़े समूह व सरकार के बीच टकराव को न केवल खत्म करवाया बल्कि रिश्ते भी सुखद बनवाए। पार्टी उनका फायदा शहरी क्षेत्रों में लेने की तैयारी कर रही है।
सांसद मालविंदर कंग को पार्टी में महासचिव पद दिया गया है। पार्टी के लिए फायर ब्रांड कार्य करने वाले कंग हमेशा भाजपा व कांग्रेस को हर फ्रंट पर घेरते आए हैं। वह पार्टी के मुख्य प्रवक्ता भी रह चुके हैं। सन्नी आहलूवालिया पहले पार्टी के सचिव होते थे लेकिन बाद में उनको चंडीगढ़ का इंचार्ज लगाया गया। पंजाब सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन सन्नी आहलूवालिया शहरी सिख हैं। मोहाली के रहने वाले सन्नी को अब चंडीगढ़ के इंचार्ज से हटाकर प्रदेश का महासचिव लगाया गया है। पंजाब में अमृतसर, जालंधर, पटियाला, लुधियाना समेत कई शहर हैं जहां पर शहरी सिखों की काफी आबादी है। लिहाजा, पार्टी शहरी सिखों को भी फोकस कर रही है। हालांकि, सन्नी पहले संदीप पाठक के नजदीकी थे लेकिन अब उनकी नजदीकियां प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा से हैं।
रविदासिया वोट बैंक पर भी ध्यान
आप ने दोआबा से डॉ. सुक्खी को प्रदेश उपाध्यक्ष लगाया है। वह रविदासिया समाज से हैं और बंगा में एक नामचीन चिकित्सक हैं। पहले वह अकाली दल से थे लेकिन कुछ समय पहले ही उन्होंने आप का दामन थाम लिया था। उनके इस्तीफे पर अभी फैसला नहीं हुआ है। पार्टी उनके जरिये बंगा, नवांशहर व जालंधर में 35 फीसदी रविदासिया वोट बैंक को केंद्रित करेगी। वह जालंधर से लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। पार्टी ने 5 विधायकों को उपाध्यक्ष बनाया है जिसमें 3 नामचीन चिकित्सक हैं।