डालरों की चमक दमक में फंसे पंजाबी युवकों को कबूतरबाजी के जरिये विदेशों में भेजने के कारोबार ने एक इंडस्ट्री का रूप धारण कर रखा है।
यही वजह है कि पंजाब के दोआबा में यह कारोबार बुलंदियों पर रहा है। कभी गायकों के माध्यम से तो कभी स्कूली ट्रिप के माध्यम से विदशों में पहुंचने का क्रेज अभी भी जारी है।
इस चक्कर में फंसकर सैकड़ों पंजाबी युवक पाकिस्तान की कोटलखपत राय जेल में अपनी जिंदगी के दिन गिन रहे हैं। मालटा बोट त्रासदी के बाद भी जान जोखिम में डालकर पंजाबी युवकों में विदेश पहुंचने में कोई कमी नहीं आई है। कोलंबिया से अमेरिका जा रही एक नाव भी इसी तरह से हादसे का शिकार हुई।
इसमें सवार करीब बीस पंजाबी नौजवान लापता हैं। हालांकि कपूरथला पुलिस ने दो ट्रेवल एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें काबू कर लिया है।
डूबे युवकों के बारे में अभी तक कोई पता नहीं लग सका है। बता दें कि 1996 में क्रिसमस वाले दिन एक बड़ा हादसा हुआ था जब मालटा से इटली जा रहा जहाज समुद्र में डूब गया था।
इस जहाज में 320 युवक थे, जिसमें से 52 पंजाबी और बाकी पाकिस्तान के युवक भी थे। इस हादसे की जांच सीबीआई कर रही है, जबकि 29 लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था। पीड़ित परिवारों को अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया है।
इसके बाद भी यह धंधा पंजाब में जोरों पर रहा और ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते एक साल में 124 मामले कबूतरबाजी के दर्ज किए गए।
इसमें एजेंटों ने पैसा ऐंठकर या तो विदेश नहीं भेजा या फिर मलयेशिया या सिंगापुर की सैर करवा दी। अभी भी 300 से अधिक शिकायतों विभिन्न थानों व ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेलों में विचाराधीन हैं।
हाल ही में ताजा मामले में जालंधर में ऐसे ही चस्के में फंसे युवकों को विदेश पहुंचने का झांसा देकर गगनदीप सैकड़ों युवकों से ठगी कर फरार हो गया।