जालंधर। राज्य में चल रहे एडेड स्कूलों के अध्यापकों व अन्य कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में कर्मचारी उधार लेकर परिवार का पेट पाल रहे हैं। हैरानी तो यह है कि उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने जालंधर फेरी के दौरान अमर उजाला की तरफ से उठाए सवाल पर खजाने की हालत को बेहतर बताया था। उन्होंने इंकार किया था कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। सरकारी स्कूलों में तैनात कर्मचारियों का भी यही हाल है। जालंधर के ईस्ट-वन सहित अन्य कर्मचारियों को अभी तक वेतन नहीं मिला है। यही नहीं कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की जनवरी 2013 से मिलने वाली किस्त की अभी तक घोषणा नहीं हो सकी है। जुलाई 2013 से अगली किस्त भी ड्यू हो चुकी है ।
एडेड स्कूलों के कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें अप्रैल माह से वेतन नहीं मिला है। संशोधित पे स्केल के एरियर की किस्त भी अभी तक खजानों के चक्करों में फंसी हुई है। यूनियन इकाई के जिलाध्यक्ष अरविंद बैंस व कोषाध्यक्ष जसवार सिंह ने बताया कि यूनियन के रोष प्रदर्शन के बाद उनका अप्रैल से सितंबर तक का वेतन व एरियर की किस्त डीपीआई ने जारी की थी। खजाने पर लगी पाबंदी के कारण उनका वेतन वहीं अटका हुआ है। जिला पीआरओ मुनीष अग्रवाल ने वेतन जल्द रिलीज करने की मांग की है।