जालंधर। पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि पंजाब में इन दिनों अवैध खनन की जांच के लिए एक टीम केंद्र से आई हुई है लेकिन अभी पंजाब में बाढ़ जैसी स्थिति है, खनन का सही पता नहीं चल सकेगा। इसके लिए टीम को पहले अच्छी तरह से विज्ञापन देने चाहिए थे और साथ ही पब्लिक को बुलाना चाहिए था। बाजवा पूर्व निकायमंत्री चौ. जगजीत सिंह द्वारा रखी गई रैली में बतौर मुख्य मेहमान हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
बाजवा ने कहा कि सिख कौम का लीडर होने का दावा करने वाले सीएम प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ विदेशों में बसे सिखों ने मोर्चा खोल लिया है। हाल ही में सुखबीर बादल ने अपना कनाडा का दौरा इसलिए ही रद्द किया है क्योंकि उनके खिलाफ अनेक संगठनों ने रोष प्रदर्शन का फैसला लिया था।
बाजवा ने कहा कि मुक्तसर, मलोट और गिद्दड़बाहा जैसे इलाके पानी में डूबे हुए हैं जबकि हकीकत यह है कि इन स्थानों पर सिंचाई विभाग ने काफी पैसा खर्च किया है। पंजाब के सिंचाई विभाग में करोड़ों का घोटाला है, जिसमें गहराई से जांच की जरूरत है। बाजवा ने कहा कि सरकार पानी व बिजली और सीवरेज के बिल एक साथ लेने की तैयारी कर रही है, जिसका डटकर विरोध किया जाएगा। अमृतसर की विधायक और मुख्य संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर सिद्धू द्वारा उठाई गई बातों की बाजवा ने सराहना की और कहा कि वह सच्चाई के साथ तो खड़ी हैं।
हाल ही में नकोदर में रैली के दौरान पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह समरा द्वारा चुनावों से पहले कांग्रेसी नेता गुरबिंदर अटवाल को करोड़ों रुपये देने के मामले पर बाजवा ने कहा कि वह खुद इसकी जांच कर रहे हैं और 15-20 दिन में इसकी रिपोर्ट तैयार कर हाईकमान को भेज दी जाएगी। बाजवा ने फिर दोहराया कि पंजाब में आर्थिक हालात खस्ता हो चुके हैं और सरकारी जमीनों को बेचने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस पार्टी हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करेगी और एक इंच भी सरकारी जमीन को बेचने नहीं दिया जाएगा। बाजवा के साथ मीडिया सचिव वरिंदर शर्मा, जिला प्रधान अरुण वालिया, पूर्व मंत्री अमरजीत समरा, ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन तजिंदर बिट्टू और पूर्व विधायक जगबीर बराड़ समेत कई सीनियर नेता मौजूद थे।