कपूरथला। गांव मोठांवाल और कमालपुर में डकैतों ने रविवार की देर रात आतंक का जो खेल खेला, वह न होता अगर जिला पुलिस के अधिकारी संजीदा होते। रविवार से चार दिन पहले 10-12 डकैतों ने गांव बिशनपुर राईयां के एक डेरे में एनआरआई परिवार के घर देर रात दस्तक देकर दंपति पर तेजधार हथियारों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया था और कोठी से 10 तोले सोना और लाखों रुपये लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
गांव बिशनपुर राईयां के एक व्यक्ति ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ग्रामीणों को घटना के बारे में अगले दिन सुबह पता चला। घायल नछत्तर कौर और उसके पति सवरन सिंह को पहले सिविल अस्पताल कपूरथला में भर्ती करवाया था लेकिन हालत गंभीर होने के चलते उन्हें जालंधर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां पर अभी तक दंपति का हाल खराब है। अब भी जालंधर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन नछत्तर कौर की हालत इतनी गंभीर है कि वह बोल नही सकती। डकैतों ने महिला की जीभ पर भी हमले किए थे। इस मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने 8 मई को अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया था। इस मामले में डीएसपी सब डिवीजन परमजीत सिंह के मुताबिक मामले में जांच-पड़ताल की जा रही है।
इससे पहले 2003 में भी करतारपुर-कपूरथला रोड पर स्थित एक एनआरआई की कोठी में डकैत देर रात घर में घुसे और घर में सो रहे लोगों पर तेजधार हथियारों से हमले किए थे। इसमें परिवार के सभी सदस्य गंभीर रुप से घायल हो गए थे और उनमें से एक बुजुर्ग एनआरआई की मौत हो गई थी। हमला करने के बाद डकैत घर में पड़ा लाखों का सामान और आभूषण ले उड़े थे।