हेरोइन तस्करी के धंधे में पंजाब की कई नामी-गिरामी हस्तियों का नाम उछला है और इनमें से कई कानून के शिकंजे में फंसी हैं।
पॉप गायक मक्खन
पंजाब के पॉप गायक केएस मक्खन पर सन 2006 में हेरोइन तस्करी का मामला दर्ज किया गया था। मक्खन उस समय कनाडा में रह रहे थे। उसके भाई, पीए समेत कई लोगों पर भी नकोदर में तस्करी के केस दर्ज हुए थे और यह मामले अभी तक कोर्ट में विचाराधीन है।
शिअद नेता हैपी
23 मार्च 2008 को शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता पुरषोत्तम सोंधी हैप्पी को अमृतसर एयरपोर्ट के निकट 22 किलो हेरोइन के साथ डीआरआई की टीम ने काबू कर लिया था।
112 एनआईआर फंसे
पिछले सात साल में 112 एनआरआई हेरोइन तस्करी के शिकंजे में आ चुके हैं। इसमें अधिकतर कनाडा के रहने वाले हैं। इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं।
एक साल में 234 किलो बरामदगी
पिछले एक साल में पाकिस्तान से लगते पंजाब के सीमांत इलाके से सुरक्षा बलों ने 234.612 किलो हेरोइन बरामद की है। यह खेप अफगानिस्तान से पाकिस्तान होकर भेजी जाती है। पंजाब से आगे यूरोप और कनाडा को भेजने के लिए कुछ एनआरआई की मदद ली जाती है।
ले जाने का तरीका
नारकोटिक सेल और पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान से मिलने वाली बड़ी खेप को यहां के तस्कर छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लेते हैं। आगे यूरोपीय देशों में भेजने के लिए वहां लौट रहे एनआरआई की मदद ली जाती है। दस से सौ ग्राम तक की मात्रा एयरटाइट लिफाफों में पैक की जाती है। इन पर कार्बन पेपर चढ़ा कर जूतों के तलवों, सलवार के पाउंचों, फोटो फ्रेम और अटैची की पर्तों में सीलकर भेजा जाता है।
कोट
हेरोइन को कनाडा पहुंचाने में तस्कर एनआरआई की मदद लेते हैं। एनआरआई जब पंजाब से लौटते हैं तो अपने साथ काफी सामान लेकर जाते हैं। इसके लिए विशेष तरह के अटैची और सूटकेस तैयार किये जाते हैं ताकि खेप पकड़ में न आए।
-इंदरजीत सिंह, पंजाब में हेरोइन की बड़ी खेपें पकड़ चुके पुलिस इंस्पेक्टर
--
एक इंस्पेक्टर कर चुका है 150 किलो बरामदगी
करतारपुर में तैनात इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह अकेले ही अब तक पंजाब में150 किलो हेरोइन बरामद कर चुके हैं। बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट नेमा सिंह ओटी से भी नौ किलो हेरोइन पकड़ी। इंदरजीत सिंह ने परमजीत सिंह घलाल को गिरफ्तार किया। इसके बाद पंजाब में कई सफेदपोश लोगों के चेहरे से नकाब उतरा। पिछले दिनों हरजिंदर सिंह को गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अब तक 200 करोड़ से ज्यादा की हेरोइन बाहर भेज चुका है।
शहर से गांवों तक पैठ
अफगानिस्तान से लेकर यूरोप और कनाडा तक फैले हेरोइन तस्करों के नेटवर्क की पैठ पंजाब के शहर तक ही सीमित नहीं है बल्कि गांवों तक पहुंच चुकी है। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर ईश्वर सिंह का कहना है कि रातों रात अमीर बनने की चाह रखने वाले लोगों खास कर युवाओं को इस दलदल में धकेला जा रहा है। पुलिस नशे के तस्क रों के कई नेटवर्क को तोड़ने में कामयाब भी हुई है। छह मार्च को ही गांव सरींह में एक ट्रक को काबू करके उसमें से 3600 किलोग्राम चूरा पोस्त बरामद किया गया है। इस खेप को मध्य प्रदेश से खास तौर पर मंगवाया गया था और यह जगरांव के नशा तस्कर राणा को दी जानी थी। बाजार में इसकी कीमत 35 लाख रुपये आंकी गई।
--
लुधियाना पुलिस की दो साल की रिकवरी
नशा वर्ष 2011 वर्ष 2012
हेरोइन 98.30 ग्राम 930 ग्राम
चरस 26 किलो 371.55 ग्राम 38 किलो 629 ग्राम
अफीम 21 किलो 721.50 ग्राम 53किलो 163 ग्राम
स्मैक 150.5 मिलीग्राम 1 किलो 769 ग्राम
गांजा 1 क्विंटल 26 किलो610 ग्राम 2 क्विंटल 19 किलो 020 ग्राम
पोपी हस्क 9 क्विंटल 55 किलो 300 ग्राम 46 क्विंटल 68 किलो 750 ग्राम
नशा मुक्ति केंद्र की हालत
निजी क्षेत्र में लुधियाना और होशियारपुर में नशा मुक्ति केंद्र चला रहे श्री गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्किल के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर गुरमीत सिंह का कहना है कि ऐसे सेंटर केंद्र सरकार की योजना के तहत खोले गए। इन्हें राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र ग्रांट दे रहा था। अब चार साल से इन केंद्रों को कोई ग्रांट नहीं मिली है। इसलिए स्टडी सर्किल अपने खर्च पर इन केंद्रों को चला रहा है। केंद्र में मरीज के टेस्ट, इलाज सभी कुछ मुफ्त में किया जाता है, केवल खाने पीने का खर्च लिया जाता है। इन केंद्रों में तीन से छह माह के कोर्स के दौरान लती का नशा छुड़वा दिया जाता है। इसके लिए सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक उनकी काउंसिलिंग की जाती है। नशीली दवाओं और शराब के आदी लोग ही ज्यादातर इन सेंटरों में इलाज के लिए आ रहे हैं।
लुधियाना सिविल अस्पताल परिसर में नया नशा मुक्ति केंद्र सरकार ने मंजूर कर दिया है। इस केंद्र के लिए भवन निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है। एक-दो साल में यह काम शुरू कर देगा। इसमें तमाम तरह की आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। फिलहाल अस्पताल में ही नशा मुक्ति विंग काम कर रहा है। इसमें हर तरह का नशा करने वाले मरीज आ रहे हैं। शहरों और गांवों से आने वाले मरीजों की संख्या लगभग बराबर है। अफीम, मेडिकल नशे के मरीजों की संख्या काफी अधिक है और मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा है।
- डा. कर्मवीर गोयल, एसएमओ, सिविल अस्पताल, लुधियाना
सीमांत इलाकों में पीढ़ियों से चल रहा है नशे का धंधा
पाकिस्तान से लगते फिरोजपुर जिले के सीमावर्ती इलाकों में हेरोइन तस्करी में लिप्त युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें कई ऐसे हैं जिनके बुजुर्ग भी सीमा पार से हो रही तस्करी के धंधे में जुटे थे। फेंसिंग पार की जमीन का इस्तेमाल खेप की डिलीवरी के लिए किया जा रहा है। बीएसएफ ने यहां जितने भी मामले पकड़े हैं उनमें गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है। फिरोजपुर का सीमावर्ती गांव मेहंदीपुर भी चर्चा में आता रहा है। बीएसएफ ने इस गांव से तीन किलो हेरोइन के साथ तीन युवकों सरवन सिंह (20), हरपाल सिंह (20), कारज सिंह (23) व सुखदेव सिंह (20) को गिरफ्तार किया था। शिंगारा सिंह जैसे बीएसएफ के जवान हेरोइन तस्करी के आरोप में पकड़े जा चुके हैं।
सीमावर्ती इलाकों से रिकवरी
7 नवंबर 2012 को फिरोजपुर पुलिस ने 12 किलो हेरोइन पकड़ी।
10 अक्तूबर 2012 को पाकिस्तान से आई मालगाड़ी से पांच अरब 25 करोड़ की हेरोइन पकड़ी।
19 मार्च 2012 को बीएसएफ ने बीओपी धर्मा से 22 किलो हेरोइन पकड़ी।
8 जनवरी 2013 को बीएसएफ ने 55 किलो हेरोइन पकड़ी।
24 जनवरी 2013 को ममदोट के गांव फतेहवाला से 40 करोड़ की हेरोइन पकड़ी।
24 अक्तूबर 2012 को बीएसएफ ने दो अरब 90 करोड़ की 58 किलो हेरोइन पकड़ी।
7. मार्च 2013 को जलालाबाद से इनकाउंटर इंटेलीजेंस ने 40 करोड़ की हेरोइन पकड़ी।