जालंधर। भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रधान पद को लेकर शुक्रवार को सर्किट हाऊस तमाशबीनों का केंद्र बन गया। प्रधान पद के लिए दो पूर्व जिला प्रधान रवि महेंद्रू और शिव दयाल चुघ मैदान में थे। रिटर्निंग अफसर मंजीत राय ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि पूर्व जिला प्रधान शिव दयाल चुघ ने कुर्सी पाने के लिए भाजपा मंडल नंबर 10 के प्रधान जगमोहन वर्मा के जाली हस्ताक्षर किए हैं, जिस कारण उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है और रवि महेंद्रू अकेले मैदान में रह गए हैं, जिस कारण उनको जिला प्रधान बनाया गया है।
रवि महेंद्रू को प्रधान पद देने की घोषणा के साथ विरोधी गुट सन रह गया। पार्टी महासचिव मंजीत राय ने तो यहां तक कह दिया कि चुघ ने शर्मनाक काम किया है, पार्टी इसके लिए शर्मिंदा है कि उन्होंने कुर्सी हथियाने के लिए जाली हस्ताक्षर किए हैं। राय ने कहा कि दोनों उम्मीदवारों के कागजातों की जब वह जांच कर रहे थे तो पाया कि शिव दयाल चुघ की तरफ से कैंट के जगमोहन वर्मा ने प्रोपजल दिया है। जगमोहन वर्मा के हस्ताक्षर जी से शुरू हुए थे, इसलिए उन्होंने जगमोहन वर्मा के मंडल प्रधान के दस्तावेजों को पार्टी कार्यालय से मंगवाया और खंगाला तो पाया कि वहां पर हस्ताक्षर जे अक्षर से शुरू हुए थे, जिसमें काफी फर्क था। इसलिए चुघ के कागजात रद्द कर दिए गए। मंजीत राय ने कहा कि चुघ के खिलाफ पार्टी की अनुशासन कमेटी को रिपोर्ट दी जाएगी क्योंकि यह एक गंभीर अपराध है, उन्होंने खुद ही जगमोहन वर्मा के हस्ताक्षर कर लिए।
वहीं रवि महेंद्रू के जिला प्रधान बनने से पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के गुट ने राहत महसूस की है क्योंकि पिछले कुछ समय से यह गुट पंजाब की राजनीति में पूर्ण रूप से हाशिये पर था, रवि महेंद्रू जालंधर के मेयर भी इसलिए नहीं बन पाए क्योंकि वह कालिया के समर्थक थे। रवि को जालंधर की प्रधानगी मिलने से समीकरण बदलने शुरू हो गए हैं। पार्टी समर्थकों की तरफ से सर्किट हाउस में ही लड्डू बांटकर खुशी मनाई गई।