फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेरों से नजदीकियां बनाने में जुटी कांग्रेस

Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
Jalandhar
विज्ञापन
विज्ञापन
जालंधर। प्रदेश में सत्ता की कुर्सी तक न पहुंचने वाली कांग्रेस ने अब दोबारा डेरों से नजदीकियां बनानी शुरू कर दी है। डेरों से दूरियों की बात प्रदेश में राहुल गांधी के दौरे के दौरान जोरशोर से उठी थी। इसी दूरी को कांग्रेस के सत्ता से दूर रहने की एक वजह बताया गया था।
विज्ञापन

पंजाब में डेरा फैक्टर हमेशा हावी रहा है। नूरमहल स्थित डेरा दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान में महाराज आशुतोष जी का डेरा है, जिनके देश-विदेश में लाखों श्रद्धालु हैं। रविवार को कैप्टन खास तौर पर डेरे में चल रहे दिव्य शांति महोत्सव में पहुंचे। कैप्टन न केवल सत्संग वाले पंडाल में गए बल्कि उनके निकटवर्ती उनको स्टेज तक लेकर गए, जहां उन्होंने आशुतोष महाराज का आशीर्वाद लिया। पंजाब में डेरा सच्चा सौदा, डेरा सचखंड बल्ला, डेरा ब्यास व दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के अलावा भैणी साहब का राजनीति में काफी प्रभाव रहा है। डेरा सचखंड बल्ला के श्रद्धालु रविदासिया बिरादरी के लोग हैं, जिनकी डेरे के प्रति अपार श्रद्धा है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में रविदासिया बिरादरी का बड़ा वोट बैंक कांग्रेस से खिसक गया और कई नेता विरोधी पार्टियों में चले गए। इस कारण कांग्रेस को अधिकतर दलित सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा।
अधिकतर डेरे पहले कांग्रेस का वोट बैंक माने जाते थे लेकिन पिछले कुछ सालों में समीकरण बदल गए हैं। हाल ही में पंजाब के दौरे के दौरान राहुल गांधी ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से फीडबैक ली तो कांग्रेसियों ने बात उठाई कि पंजाब में डेरा फैक्टर काफी प्रभाव रखता है, कांग्रेस को दोबारा इन डेरों से अपने संबंध गहरे बनाने पड़ेंगे। कैप्टन का रविवार को दौरा इसी कड़ी का एक हिस्सा मानकर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें