बारिश ने रोकी गेहूं की कटाई, आफत बन कर बरसे बादल
सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ, झड़ गए दाने
अमर उजाला ब्यूरो
तलवाड़ा/होशियारपुर। इलाके में पिछले 2 दिनों से हो रही बारिश के कारण कंडी के किसान की मेहनत पर आसमान से बरसा पानी आफत बन कर बरसा है। इससे गेहूं की फसल के साथ सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। तेज तूफान से सरसों के दाने झड़ने से फसल का झाड़ समाप्त हो चुका है। बह नंगल के किसान लंबरदार नरवीर सिंह, सूबेदार मान सिंह, विजय सिंह, सतपाल, मोहन लाल, रमेश चंद्र, अमर सिंह, बलवंत सिंह का कहना है कि गेहूं की फसल पर भी भारी क्षति पहुंची है हवा और बारिश के कारण गेहूं नीचे विश गई है, जिससे उसके झाड़ में भारी कमी आएगी और नीचे विशने के कारण गेहूं का दाना सड़ जाएगा। इस बारिश के कारण खेतों में इतनी नमी हो चुकी है कि अभी लगभग 5-7 दिन खेतों में कटाई बिल्कुल नहीं की जा सकती। इसके कारण गेहूं लगभग सड़ जाएगी। उनका कहना है कि पहले खेतों में रातभर जाग कर फसल की रक्षा की और अब फसल बिल्कुल तैयार थी तो भगवान ने पानी से सब तबाह कर दिया। हमारी तो इस बारिश ने कमर ही तोड दी है। यहां किसान बैसाखी की खुशी मनाता है और अपनी फसल काटता है पर अब बैसाखी की खुशी मनाकर फसल पुरी तरह से उजडने पर मातम मनाएगा। कंडी के सारे किसान परेशान हैं। इस बार कंडी के किसान को मौसम का पहले पुरा साथ रहा था और फसलें अच्छी थी पर अब सब कुछ बदल गया।
क्या कहना है कृषि अधिकारी का
कृषि अधिकारी डॉक्टर विनय का उनका कहना है बारिश से नुकसान तो काफी हुआ है और अगर बारिश अभी रुक भी जाए तो किसान फसल काटने के लिए कम से कम दस दिन तक खेत नहीं जा सकता। अगर तेज हवा चली तो ज्यादा नुकसान हो सकता है।
फोटो-2-बारिश के कारण उजड़ी सरसों की फसल, लगभग खाली बिन दानों के खली खडे झाड़।