जांच टीम से नहीं मिल सकता इंसाफ: माहला
स्टेडियम से सामान गायब व बच्चों से पैसे वसूलने का मामला
सेवानिवृत्त जज या फिर आईएएस अधिकारी से कराई जाए तहकीकात
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
शहीद भगत सिंह स्टेडियम से गायब खेलों के सामान, बच्चों से वसूले जा रहे पैसे व विभाग में हो रही घपलेबाजी की जांच-पड़ताल करने आई डीएसओ जोगराज सिंह (संगरूर) और रविंदर सिंह (बरनाला) की टीम को शिकायतकर्ता नछत्तर सिंह माहला ने कठघरे में खड़ा किया। माहला ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया कि जांच टीम फिरोजपुर के डीएसओ से राजीनामा करने की बात कह कर चली गई। टीम का रैवेया देख माहला ने घपलेबाजी से संबंधित दस्तावेज जांच अधिकारियों को नहीं सौंपे और न ही अपना लिखित बयान दिया।
माहला ने कहा कि इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। माहला न बताया घपलेबाजी की जांच करने सोमवार को पहुंचे डीएसओ रविंदर सिंह व जोगराज सिंह ने उनसे कहा कि डीएसओ फिरोजपुर से राजीनामा कर ले। यह बात सुनकर उसे विश्वास हो गया है कि उक्त जांच टीम से इंसाफ मिलना मुश्किल है। इसीलिए उसने खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि घपलेबाजी की जांच किसी सेवानिवृत्त जज या फिर आईएएस अधिकारी से कराई जाए।
नियम के मुताबिक कोई भी डीएसओ रैंक का अधिकारी डीएसओ की जांच नहीं कर सकता है। माहला ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं करवाई गई तो अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। माहला ने आरोप लगाया कि स्टेडियम से हॉकी एस्ट्रोटर्फ व लोहे के 70 बोर्ड के अलावा अन्य सामान गायब हुआ है। स्टेडियम में निजी कोच रखे हैं। बैडमिंटन के लगभग साठ खिलाड़ी है, एक निजी कोच उनसे प्रतिमाह पंद्रह सौ रुपये वसूल रहा है। स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए पीने के लिए पानी का बंदोबस्त तक नहीं है। स्टेडियम में खराब पड़े वाटर कूलर को ठीक नहीं कराया जा रहा है।