हेड पोस्ट ऑफिस में कैश न देने पर हंगामा
डीपीएम पर खाताधारकों ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
कपूरथला।
मुख्य डाकघर कपूरथला एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब डेढ़ माह से चेक लेने के लिए चक्कर काटकर थक चुके खाताधारकों के सब्र का बांध टूट गया। आरोप है कि मंगलवार को डिप्टी पोस्ट मास्टर (डीपीएम) ने खाताधारकों से दुर्व्यवहार करते हुए चेक न देने की बात कही। इसके बाद तो मुख्य डाकघर में हंगामा शुरू हो गया। इस बीच पोस्ट मास्टर खुद भी असहाय नजर आए और काउंटर की हेड डिप्टी पोस्टमास्टर ने अपने आगे किसी की नहीं चलने दी।
खाताधारक पुनीत कुमार और किशन लाल ने बताया कि वह पिछले करीब डेढ़ माह से अपनी मैच्योर हो चुकी पासबुक का चेक लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं। पहले तो डेढ़ माह से लगातार पोस्ट आफिस स्टाफ उन्हें चेकबुक की शार्टेज का हवाला देते हुए टरकाते रहे। लेकिन अब जब चेक बुक आ चुकी है, फिर भी चेक देने में आनाकानी वाला रवैया अपनाया जा रहा है। जबकि काउंटर पर कोई खास काम भी नहीं है। फिर भी स्टाफ की ओर से खाताधारकों को अदायगी के चेक नहीं दिए जा रहे हैँ। पुनीत कुमार ने जब उन्होंने डीपीएम परमजीत कौर से कहा कि चेकबुक तो आ चुके हैं तो फिर चेक क्यों नहीं काटा जा रहा है। इस पर डीपीएम ने कहा कि आप लोगों को कैसे पता कि चेक आ चुके हैं। इस पर गुस्से में डीसीएम ने कहा कि अब चेक नहीं काटा जाएगा, जिसको मर्जी बुला लो। इसके बाद तो हंगामा शुरू हो गया। पुनीत ने बताया कि उनकी 12 पासबुकों की अदायगी पोस्ट आफिस नहीं कर रहा है। जब यह मामला वह पोस्टमास्टर राजिंदर कुमार के पास लेकर गए तो पोस्टमास्टर ने खुद आकर चेक काटने की बात कही, लेकिन डीपीएम ने उनकी बात को भी नहीं माना।
चेक की शार्टेज चल रही थी : डीपीएम
डीपीएम परमजीत कौर ने कहा कि उन्होंने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया है। चेक की शार्टेज चल रही थी। उनको नहीं मालूम था कि आफिस में चेकबुक आ चुकी है। उन्हें करीब 12:45 पर पता चला कि चेकबुक आई हैं। इस पर उन्होंने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए खाताधारकों को कुछ चेक अब ले जाने और बाकी बाद में लेने की बात कही। इस पर उन लोगों ने विवाद खड़ा कर दिया। सुपरिंटेंडेंट दिलबाग सिंह सूरी ने पूरे मामले से अनभिज्ञतता जताते हुए कहा कि चेकबुक आ चुकी हैं। अब किसी खाताधारक की अदायगी नहीं रुकेगी।