550वें प्रकार्श पर्व पर पीएम, राष्ट्रपति, गवर्नर और मुख्यमंत्री नवाएंगे शीश
विदेशी नेताओं समेत पांचों तख्तों के जत्थेदार भी होंगे शरीक
एसजीपीसी अध्यक्ष ने सिख संगत की मौजूदगी में जारी किया प्रमुख धार्मिक समारोहों का विवरण
सिख संगठनों ने एसजीपीसी को सहयोग की वचनबद्धता जताई
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर लोधी(कपूरथला)। पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व में देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कई सूबों के गवर्नर और मुख्यमंत्रियों सहित देश-विदेश से लाखों की संगत शीश नवाएंगी। बाबा नानक की पवित्र नगरी सुल्तानपुर लोधी नवंबर माह में प्रकाश पर्व से पहले ही खालसाई रंग में रंग जाएगी। 550वें प्रकाश पर्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने के लिए प्रमुख धार्मिक समारोहों की एसजीपीसी ने रूपरेखा तैयार कर ली गई है। गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल की अध्यक्षता में अहम बैठक का आयोजन हुआ। इसमें देश की विभिन्न धार्मिक शख्सितयों की मौजूदगी में भाई लौंगोवाल ने प्रमुख समारोहों का विवरण जारी किया। जिसे मनाने के लिए सिख संगठनों व धार्मिक शख्सितयों ने एक स्वर में एसजीपीसी को सहयोग देने की वचनबद्धता दोहराई। गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में सिख संगठनों, महापुरुषों, निहंग सिंह दलों और सभा-सोसाइटी संग आयोजित सभा में एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी की विचारधारा मानवजाति के लिए है। उनका 550वां प्रकाश पर्व सिख संगत की ओर से एकजुटता के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 12 नवंबर को जहां गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में विशेष पंडाल में मुख्य समागम का आयोजन होगा, वहीं 9 नवंबर से अलग-अलग समागम भी होंगे।
09 नवंबर से शुरू होंगे समागम
भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने बताया कि 09 नवंबर को अलसुबह विशाल स्त्री सम्मेलन होगा। जबकि रात को एक महान ढाडी दरबार होगा, जिसमें पंथ प्रसिद्ध ढाडी जत्थे संगत को श्री गुरु नानक देव जी के इतिहास से रूबरू कराएंगे। 10 नवंबर को इनामी कवि दरबार संगत के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। इसमें बेहतर पेशकारी वाले कवियों को विशेष तौर पर इनाम दिए जाएंगे। 11 नवंबर की रात को श्री गुरु नानक देव जी की गुरबानी के आधार पर राग दरबार होगा। 12 नवंबर को मुख्य समागम गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के विशाल पंडाल में होगा। एसजीपीसी अध्यक्ष के अनुसार इससे पहले 10 अक्तूबर को तख्त श्री केसगढ़ साहिब में विश्व सिख सम्मेलन, 08 नवंबर को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल श्री अमृतसर में अंतर धर्म संवाद सम्मेलन भी कराए जाएंगे। शताब्दी समागम से पहले विभिन्न स्थानों पर विशेष कार्यक्रम जारी रहेंगे। इनमें राष्ट्रीय सेमिनार, नगर कीर्तन, विचार गोष्ठियों होंगी। श्री गुरु नानक देव जी की विचारधारा और जीवन इतिहास से संबंधित विभिन्न भाषाओं में पुस्तकें छपाईं जाएंगी। पेंटिंग वर्कशाप, धार्मिक मुकाबले पर शबद विचार समागम भी कराए जाएंगे और शताब्दी समारोह से संबंधित स्टिकर, बैज आदि भी संगत में बांटे जाएंगे।
दुनिया भर की शख्सियतों का होगा सम्मान
भाई लौंगोवाल ने बताया कि 12 नवंबर को मुख्य समागम में पांचों तख्तों के साहिबान के जत्थेदार, प्रमुख धार्मिक शख्सियतों के अलावा देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विभिन्न सूबों के गवर्नर और मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे। विदेशों के नेताओं और प्रमुख शख़्सियतों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मुख्य समागम वाले दिन ही एसजीपीसी की ओर से दुनिया भर में से किरतियों के सम्मान के लिए समारोह होगा।
इन शख्सियतों ने दिए सुझाव
सभा में पद्मश्री बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल, बाबा बलबीर सिंह प्रमुख बुडढ़ा दल, गुरबचन सिंह करमूंवाला, बाबा सेवा सिंह खडूर साहिब वाले, अवतार सिंह हित, भाई अजायब सिंह, बाबा जगजीत सिंह हरखोवाल, मनजीत सिंह भाटिया इंदौर, भाई मनजीत सिंह, गुरमीत सिंह रायपुर, बीबी कमलेश कौर शाहजहांपुर, बाबा सेवा सिंह गुरुद्वारा नानक मत्ता साहिब, निर्मल सिंह प्रधान लखनऊ, बाबा बुद्ध सिंह निक्केघुंमण, दरबारा सिंह, निर्मल सिंह प्रधान चीफ़ खालसा दीवान, डा. जसविंदर सिंह उपकुलपति गुरू काशी यूनिवर्सिटी, बाबा तेजा सिंह निर्मला खुड्स कुराला, भाई रणधीर सिंह राड़ा साहिब, महंत कर्मजीत सिंह यमुनानगर, सतवंत सिंह धामपुर, बाबा गुरदयाल सिंह टांडा ने समागम संबंधी बहुमूल्य सुझाव पेश किए। इस दौरान एसजीपीसी की ओर से 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष डायरी संगत को अर्पित की गई।