कर्जे से चलेगा निगम, जनता पर बढ़ेगा बोझ
एडीबी से 50 करोड़ रुपये का कर्ज पर देनी पड़ेगी 9.50 करोड़ रूपये की किश्त
514.50 करोड़ का बजट पास, अकाली-भाजपा पार्षदों ने दिखाई काली झंडियां
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। नगर निगम हाउस की मंगलवार को हुई मीटिंग में साल 2019-20 के लिए 514.50 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया। बजट के एजेंडे में 50 करोड़ रुपये का कर्ज उठाने वाला प्रस्ताव भी पास कर दिया गया। निगम प्रशासन केनाल वाटर प्रोजेक्ट के लिए एडीबी से 50 करोड़ रुपये का कर्जा उठाएगा, जिसके लिए निगम को हर साल 9.50 करोड़ रूपये का ब्याज देना पड़ेगा। इसका विपक्ष दल अकाली-भाजपा पार्षदों ने जमकर विरोध भी किया।
अकाली-भाजपा पार्षदों ने कहा कैप्टन सरकार ने नींव पत्थर लगाने पर रोक लगा रखी है, इसके बावजूद शहर में विकास कार्यों के नींव पत्थर लगाए जा रहे हैं। भाजपा पार्षद सुशील शर्मा ने कहा कि गुरु अमरदास नगर में नींव पत्थर लगाया गया, यहां पर मेयर, विधायक और कमिश्नर का नाम लिखा गया हैं। मीटिंग की शुरूआत के साथ ही विपक्षी दल ने विरोेध प्रदर्शन किया और काली झंडियां भी दिखाई। वहीं सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के मेयर जगदीश राजा ने हाउस की कार्यवाही को नहीं रोका और साल 2019-20 का 514.50 करोड़ रूपये का बजट पास कर दिया।
निगम प्रशासन को अनुमान है कि साल 2019-20 में 225 करोड़ रुपये जीएसटी से, 12 करोड़ रुपये बिजली पर लगे 2 फीसदी म्यूनिसिपल टैक्स से आमदनी होगी। इसके अलावा 40 करोड़ रुपये प्रापटी टैक्स से, वॉटर व सीवरेज चार्ज से 35 करोड़ रुपये, 16.50 करोड़ एडिशनल एक्साइज ड्यूटी से, 8 करोड़ सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) से, 5 करोड़ बिल्डिंग एप्लीकेशन फीस, 1 करोड़ बिल्डिंग कंपोजीशन फीस, 1 करोड़ हाउस टैक्स से से मिलेंगे। साल 2018-19 के लिए नगर निगम ने 585.63 करोड़ रूपये का बजट पास किया था, लेकिन सरकार ने 348.58 करोड़ ही दिये गए थे। 190 करोड़ रुपये निगम प्रशासन के रखरखाव पर, 19.38 करोड़ रुपये अचनचेत एंव अन्य खर्चे तथा 139.20 करोड़ रूपये विकास के कामों पर खर्च किए गए थे।
पार्षद सुशील शर्मा ने कहा कि निगम प्रशासन के पास वेतन देने के लिए रुपये नहीं हैं और कर्जे उठाकर नया बोझ डाला जा रहा हैं। निगम का बजट शहर निवासियों के लिए पूरी तरह से निराशाजनक हैं। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के समय सीएलयू (चेंज ऑप लैंड यूज) के तहत करीब 15 करोड़ रुपये की आमदनी होती थी, अब कांग्रेस के दौरान सीएलयू की आमदनी 8 करोड़ रखी गई हैं। पूरा शहर टूटी सड़कों, गंदगी के ढेरों, सीवरेज की समस्या, दूषित पेयजल इत्यादि से परेशान हैं।