चुनाव ड्यूटी में 200 कर्मचारियों के गैरहाजिर रहने के मामले में जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। डिप्टी कमिश्नर ने हाल ही में हुए पंचायत चुनाव के दौरान यहां के ब्लाक जैतो में करीब 200 सरकारी कर्मचारियों के चुनाव ड्यूटी से गैर हाजिर रहने के मामले में एसडीएम जैतो अनामजोत कौर को जांच करने के आदेश दिए है। डीसी ने एसडीएम को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने और जांच के दौरान नेशनल इंफोरमेटिक्स सेंटर और एडीसी (विकास) दफ्तर को भी जांच में शामिल करने की हिदायतें दी है।
जानकारी के अनुसार एसडीएम जैतो अनामजोत कौर, लंबी छुट्टी पर गई हुई थी और चुनाव प्रक्रिया के दौरान एसडीएम जैतो का कार्यभार बलविंदर सिंह के पास था। जिला प्रशासन ने ब्लाक जैतो में पंचायत चुनाव के लिए 134 पोलिंग पार्टियां बनाई थी, जिसमें 670 कर्मियों को पोलिंग के लिए तैनात किए गए थे, जबकि इसका 20 प्रतिशत स्टाफ अर्थात 134 कर्मियों को जैतो के लिए रिजर्व रखा गया था। डीसी दफ्तर की ओर से जारी जांच के आदेश में उल्लेख किया गया है कि 27 दिसंबर 2018 को जैतो में हुई दूसरी चुनाव रिहर्सल के बाद एसडीएम बलविंदर सिंह ने रिपोर्ट भेजी गई कि चुनाव ड्यूटी के लिए मुहैया कराए गए कर्मियों में से 81 कर्मचारी गैर हाजिर रहे है। इसके बाद जिला प्रशासन ने जैतो सब डवीजन को 20 पोलिंग पार्टियों का स्टाफ करीब 100 कर्मचारी और मुहैया करवाए गए। पंचायत चुनाव के लिए मतदान से एक दिन पहले 29 दिसंबर 2018 को पोलिंग पार्टियों को वोटिंग के लिए उनके पोलिंग स्टेशनों पर भेजा जाना था। उस दिन शाम 6 बजे जानकारी दी गई कि कर्मियों के अभाव में अब भी 34 पोलिंग स्टेशनों के लिए पार्टियां भेजा जाना बाकी है। इसके बाद डीसी राजीव पराशर खुद जैतो पहुंचे और शेष पोलिंग पार्टियों के लिए घरों से कर्मियों को बुलाकर प्रबंध किया गया, जिसके बाद रात साढ़े 12 बजे के करीब सभी पोलिंग स्टेशनों के लिए पार्टियां रवाना हो पाईं। जिला प्रशासन का मानना है कि जैतो ब्लाक में बहुत सारे कर्मियों की चुनाव ड्यूटी बिना किसी वजह के लिए काट दी गई और एसडीएम बलविंदर सिंह द्वारा स्टाफ का प्रबंध करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।