कर्ज माफी किसानों के उत्थान का अकेला हल नहीं : शांतिदूत
भाजपा बोली, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की व्यवस्था करे सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश शांतिदूत ने कहा कि कर्ज माफी किसानों के उत्थान का अकेला हल नहीं है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह कृषि कोे लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए पुख्ता व्यवस्था करे। केंद्र की मोदी सरकार की ओर से इस विषय में बनाई जा रही योजनाएं प्रदेश सरकार के लिए सहयोगी और मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि सूबे में किसान कर्ज से अधिक संकट में है, जिनके पास कृषि के लिए भूमि का रकबा दो से पांच एकड़ तक सीमित है। सरकार को इस तरह से योजना बनानी चाहिए कि किसानों को पता चल सके कि थोड़े रकबे में लाभ के लिए कौन सी फसल को पैदा कर मुनाफा कमाया जा सकता है। इसके लिए सरकार छोटे किसानों को फसलों में बदलाव के लिए उत्साहित व सहयोग करे।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि फसलों के बदलाव के साथ कृषि आधारित कुटीर उद्योग को बढ़ावा देना सूबे के किसान के लिए लाभदायक हो सकता है। सूबे में कृषि और उद्योग को एक दूसरे का पूरक बनाना पंजाब के विकास व समृद्धि के लिए सहायक होगा। इसके अलावा छोटे किसान को पशुपालन व्यवसाय से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छोटे किसान की तरह सरकार को लघु व कुटीर उद्योगों को भी संकट से निकालकर उनके पुनर्वास की योजनाएं शीघ्र बनानी चाहिए। सूबे के छोटे व कुटीर उद्योगपति भी कर्ज के भारी संकट में घिरे हैं। सरकार उनके लिए भी राहत व पुनर्वास की योजनाएं बनाए।