हरियाली पर चली कुल्हाड़ी का मामला पहुंचा डीसी दरबार
अमर उजाला की खबर को आधार बनाकर जांच के आदेश
जंगलात-बागवानी विभाग में शामिल कुछ कई लोग संदेह के घेरे में
रविवार की अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा था समाचार
महेश कुमार
कपूरथला। बारिश और अंधड़ से गिरे पेड़ों की आड़ में हरियाली पर कुल्हाड़ी चलाने का मामला अब डीसी कपूरथला मोहम्मद तैय्यब के दरबार पहुंच गया है। डीसी ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अमर उजाला की खबर को आधार पर जांच करवाने की बात कही है। सोमवार से इस मामले में कंजरवेटर के अलावा जिला प्रशासन की ओर से भी अलग से जांच पड़ताल का दौर शुरू होगा।
अमर उजाला के रविवार के अंक में कपूरथला की कांजली बेईं से सटे जंगल में बागवानी विभाग और जंगलात विभाग के संयुक्त जंगल में एनजीटी की पाबंदी के बावजूद पेड़ों को काटने का मामला ‘कपूरथला के जंगल में कई पेड़ गायब’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इसमें दोनों विभागों की ओर से मिलीभगत करके निजी हाथों में सरकारी पेड़ों की लकड़ी बेचने में संलिप्त कुछ लोगों का जिक्र किया गया था। इस पूरे गोरखधंधे को लेकर जहां शनिवार को जंगलात विभाग के कंजरवेटर सतनाम सिंह ने बेईं के जंगल का मौका-मुआयना करके जांच पड़ताल का दौर शुरू किया। वहीं वन विभाग कपूरथला के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। इस दौरान कंजरवेटर ने पेड़ों की कमी न होने की बात कहते हुए बागवानी विभाग के पेड़ बताए और पेड़ काटने को लेकर जांच की बात कही। वहीं बागवानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कुलविंदर सिंह ने कुछ पेड़ की पुष्टि करते हुए शेष पेड़ जंगलात के होने की बात कही। समाचार प्रकाशित होने के बाद जब अमर उजाला की खबर डीसी की टेबल पर पहुंची तो हरियाली को बचाने के लिए जिला प्रशासन के प्रयासों पर जंगलात विभाग की ओर से ही पानी फेरे जाने और एनजीटी के आदेशों के अवहेलन को गंभीरता से लेते हुए डीसी मोहम्मद तैय्यब ने कड़ा रुख इख्तियार कर लिया है। डीसी मोहम्मद तैय्यब ने कहा कि वह सोमवार को ही अमर उजाला के समाचार के आधार पर जांच बैठाएंगे। आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।