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ट्रेनिंग के बावजूद नहीं हुई एक हजार होमगार्ड जवानों की तैनाती

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ट्रेनिंग के बाद भी नहीं हुई 1000 होमगार्ड जवानों की तैनाती
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सीएम ने दिए थे नियुक्ति पत्र, वित्त विभाग ने नहीं दी मंजूरी
प्रशिक्षण के दौरान नौजवानों ने जेब से खर्च किए हजारों रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
पंजाब भर के करीब एक हजार नौजवानों को होमगार्ड की ट्रेनिंग देने के बावजूद तैनात नहीं किया जा रहा है। इससे संबंधित नौजवानों में रोष है। इन सभी नौजवानों को 11 मार्च 2018 को पटियाला में आयोजित समागम के दौरान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नियुक्ति पत्र सौंपे थे। नियुक्ति के बाद इन्हें संबंधित जिलों की पुलिस लाइन में 45 दिन की ट्रेनिंग भी दी गई। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद इन्हें वित्त विभाग ने मंजूरी नहीं होने का हवाला देकर घर वापस भेज दिया।
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ट्रेनिंग हासिल करने वाले नौजवानों के अनुसार साल 2007 के बाद से अब तक ड्यूटी के दौरान मारे गए होमगार्ड जवानों के आश्रितों की मांग को पूरा करते हुए प्रदेश सरकार ने करीब 1000 नौजवानों को नौकरी देने का एलान किया था। सभी को पटियाला में बुलाया गया। रस्मी तौर पर दो नौजवानों को मुख्यमंत्री के हाथों से नियुक्ति पत्र दिलवाए गए थे। इसके बाद 1 मई से फरीदकोट, लुधियाना, पटियाला, फिरोजपुर समेत सभी जिलों में 45 दिन की ट्रेनिंग दी गई। इसमें इन्हें परेड के साथ-साथ हथियार चलाने का भी प्रशिक्षण दिया गया। ट्रेनिंग खत्म होते ही इन्हें विभाग ने स्टेशन अलॉट करने की जगह घर भेज दिया और अगले हुक्म तक इंतजार करने की हिदायत दी। ट्रेनिंग के दौरान कोई खर्च भी नहीं दिया गया। नौकरी की चाहत में उन्होंने अपना कामकाज छोड़कर करीब 25-30 हजार रुपये खर्च भी कर दिया है। ट्रेनिंग के दौरान लुधियाना के नौजवानों को फिरोजपुर के कासूबेगू में हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी और वहां पर रछपाल सिंह नामक लुधियाना के एक युवक की अंगुली पर गोली लग गई थी। उसका पीजीआई से उपचार हुआ। उसके हाथ की तीन अंगुलियों को काटना पड़ा था। वहीं होमगार्ड के एडीजीपी केएस घुम्मण ने स्वाकीर किया कि इन नौजवानों की नियुक्ति की फाइल पंजाब के वित्त विभाग के पास मंजूरी के लिए लंबित है। वहां से मंजूरी मिलते पर इन नौजवानों को तैनात कर दिया जाएगा।
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