सुबह आठ से दो बजे तक धरने पर रहे डॉक्टर
एएसआई को सस्पेंड करने और दुर्व्यवहार करने वाले को गिरफ्तार की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मलोट (मुक्तसर)। सरकारी अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से हाथापाई करने और धमकी देने वाले व्यक्ति पर केस दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तार न करने और मामले में संलिप्त शराबी एएसआई को लाइन हाजिर करने के बावजूद सस्पेंड न करने की मांग को लेकर डॉक्टरों व स्टाफ ने बुधवार को काम छोड़कर अस्पताल में सुबह आठ से दो बजे तक धरना लगाया। धरने दौरान डॉ. अमृतपाल सिंह ने बताया कि बीती शुक्रवार की रात को करीब नौ बजे जब एक करंट लगे व्यक्ति को अस्पताल में लाया गया तो उसकी जांच के बाद उसके परिवार वालों को मरीज के मृत होने की जानकारी दी गई। परिवार वालों को मृतक का नाम दर्ज कराने के लिए कहा गया। इस दौरान मौजूद गांव आधनियां निवासी गुरमीत सिंह पुत्र टेक सिंह परिवार वालों को उकसा कर उन्हें पोस्टमार्टम न कराने व डॉक्टरों पर पोस्टमार्टम के दौरान अंग निकालकर बेचने की बात कहने लगा। डॉ. अमृतपाल के अनुसार वह व्यक्ति उन्हें धमकी देते हुए हाथापाई पर उतर आया। मौके पर उन्होंने तो जैसे-तैसे वहां से भाग कर जान बचाई। बाद में इसकी सूचना थाना सिटी प्रभारी, डीएसपी व एसपी को दी गई। यही नहीं गुरमीत ने लोगों को भड़का कर शव इमरजेंसी के गेट के आगे रखवा दिया। इस पर घटना की जानकारी थाना सिटी से लेकर, डीएसपी, एसपी व विभाग के उच्च अधिकारियों को दी। करीब एक घंटे के बाद शराबी हालत में पहुंचे एएसआई बलविंदर सिंह ने गुरमीत सिंह से पूछताछ की बजाय उसके खिलाफ कार्रवाई करने से मना कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इसके बाद डॉक्टरों ने बैठक कर डिप्टी कमिश्नर, सिविल सर्जन, डायरेक्टर स्वास्थ्य व परिवार भलाई चंडीगढ़ को भी घटना की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मामले में आरोपी गुरमीत सिंह पर केस दर्ज किया। साथ ही एएसआई को लाइन हाजिर कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। मगर एक सप्ताह बीतने पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। न तो गुरमीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है और न ही एएसआई को सस्पेंड किया गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वो धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। धरने दौरान सिविल सर्जन डॉ. सुखपाल सिंह, एसडीएम गोपाल सिंह, एसपी इकबाल सिंह धरनाकारियों से बातचीत करने के लिए आए लेकिन डॉक्टर अपनी मांग पर अड़ हुए थे। डॉक्टरों ने सिर्फ एमरजेंसी मरीजों के लिए एक लेडी डॉक्टर व एक अन्य डॉक्टर नियुक्त किया है ताकि इमरजेंसी मरीज को असुविधा न हो। अन्य सुविधाएं मांगें पूरी न होने तक बंद रखने की चेतावनी दी है।