अमृतसर। पंजाब सरकार ने राज्य के 5073 स्कूलों में पौष्टिक बगीचों की स्थापना करने का निर्णय लिया है। यह एलान पंजाब स्टेट फूड कमीशन के चेयरमैन बीएम शर्मा ने पाइटेक्स मेले के दौरान कृषि, पोषण और कल्याण तालमेल सम्मेलन में किया।
शर्मा ने बताया कि बच्चों को क्वालिटी फूड उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है। इसलिए खाली जमीन वाले स्कूलों का चयन कर वहां हर्बल गार्डन, फ्रूट गार्डन और वेजिटेबल गार्डन विकसित किए जाएंगे। इन बगीचों में उगाई गई सब्जियां और फल बच्चों के मिड-डे मील का हिस्सा बनेंगे।
राज्य के कई स्कूलों में तीन से चार एकड़ अतिरिक्त जमीन मौजूद है, जिस पर कृषि, बागवानी और शिक्षा विभाग मिलकर पौष्टिक बगीचे बनाएंगे। इसके अलावा 1100 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अतिरिक्त जमीन पर बगीचे विकसित किए जाएंगे। पीएचडीसीसीआई की फार्मास्यूटिकल, हेल्थ एंड वेलनेस कमेटी के संयोजक सुप्रीत सिंह ने कहा कि बदलती जीवन शैली में खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। ग्राफिक्स एरा विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता फैलाना है।
इस अवसर पर अपेडा के क्षेत्रीय प्रभारी हरप्रीत सिंह, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के डॉ. सिद्धांत बनूरा, अमृतसर कृषि विभाग के चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर डॉ. गुरसाहिब सिंह, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक जगमोहन सिंह नागी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इन बगीचों के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ और पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराते हुए कृषि और पर्यावरण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।