मृतका और आरोपी की हिमायत में प्रदर्शन
आरोपी ससुर की गिरफ्तारी के लिए किया थाने के बाहर चक्का जाम
ससुर को केस से बाहर करने के लिए डीएसपी दफ्तर के समक्ष धरना
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। बहू रवीना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में नामजद उसके ससुर गोपीराम सांदड को गिरफ्तार न करने के रोष स्वरूप शनिवार को रवीना कत्ल कांड विरोधी एक्शन कमेटी ने मृृतका के परिजनों ने अन्य जत्थेबंदियों के साथ शहर में रोष मार्च निकाला। इसके बाद थाना नंबर 2 के बाहर धरना देकर गोपीराम सांदड़ को गिरफ्तार करने की मांग की। वहीं दूसरी ओर गोपीराम सांदड़ के परिजनों ने डीएसपी आफिस के सामने धरना लगाकर सांदड़ को केस से बाहर करने की मांग दोहराई।
शनिवार सुबह कर्मचारी संगठनों के लोग नेहरू पार्क के बाहर एकत्र हुए और सरकुलर रोड, बाजार नंबर 9, बाजार नंबर 12 से होते हुए थाना नंबर 2 के सामने धरना दिया।वक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने गोपीराम व उसके परिवार के खिलाफ 304 बी के तहत मामला दर्ज किया। मृतका के पिता ने उसकी बेटी को दहेज के लिए प्रताडित करने के आरोप लगाए थे। इस संबंध में पुलिस ने कोई धारा नहीं लगाई। घटना को करीब एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने गोपीराम सांदड़ को गिरफ्तार नहीं किया। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं पर आरोपी सांदड की मदद करने के भी आरोप लगाए। इस मौके पर बाल किशन फौजी, जगजीत सिह, जरनैल सिह, राम कुमार वर्मा, निर्मल सिंह, नोपाराम, कृष्ण लाल, अवतार, इकबाल सिह मौजूद थे।
इधर, गोपीराम सादड के परिजनों व उनके रिश्तेदारों ने डीएसपी कार्यालय के समक्ष धरना देकर रोष जताया। सांदड की बेटी तमन्ना, बहन रोशनी व गीता, माता सरस्वती देवी, भाई जगमाल, चचेरे भाई पूर्व सरपंच ओम प्रकाश व गांव खिप्पांवाली के सरपंच छोटूराम, पंच डूंगरराम, पूर्व सरपंच गोपीराम बागड़िया, सुशील, दिनेश कुमार व रवि कुमार ने रकहा कि गोपीराम का परिवार पूरी तरह से निर्दोष है। बहू रवीना ने मानसिक परेशानी के चलते आत्महत्या की है। परिजनों ने डीएसपी को बताया कि उन्होंने एसएसपी को रवीना की अलमारी से मिली एक डायरी सौंपी ,है जिसमें रवीना ने ससुराल की बजाए मायके वालों को परेशानी का कारण बताया है। परिजनों ने कहा कि डायरी के आधार पर जांच कर इंसाफ दिलाया जाए। डीएसपी राहुल भारद्वाज ने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों को पुलिस पर दबाव बनाने के लिए धरना प्रदर्शन की नीति अपनाने से बाज आने की हिदायत भी दी।