फरीदकोट में बंद का व्यापक असर
दुकानदारों ने दुकानें रखीं बंद, बार एसोसिएशन ने भी कामकाज किया ठप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
देशव्यापी बंद का जिले में व्यापक असर रहा। इस दौरान सभी प्रमुख शहरों व कस्बों फरीदकोट, कोटकपूरा, जैतो, सादिक, बरगाड़ी व बाजाखाना में व्यापारिक संस्थान मुकम्मल बंद रहे। जनरल की संस्थाओं और व्यापारिक जत्थबंदियों ने रोष मार्च भी निकाले। हालांकि जिले भर के ज्यादातर स्कूल खुले रहे और सरकारी दफ्तरों, बस व रेल सेवाओं पर बंद का कोई असर नहीं दिखा।
शहर में हर तरह के दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। बार एसोसिएशन ने भी बंद के समर्थन में कामकाज ठप रखा। सिविल अस्पताल में सिर्फ आपातकालीन सेवाओं में तैनात कर्मियों को छोड़कर बाकी सभी डॉक्टरों ने सामूहिक छुट्टी लेकर जाति आधारित आरक्षण की नीति को तुरंत प्रभाव से बंद करने की मांग रखी। नगर काउंसिल के कर्मी भी सामूहिक छुट्टी लेकर रोष मार्च में शामिल हुए। धरनाकारियों की अगुवाई कर रहे डॉ. चंद्रशेखर कक्कड़. डॉ. विश्वदीप गोयल और रिशू गुप्ता ने कहा कि देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने महज 10 साल के लिए जाति आधारित आरक्षण का प्रावधान रखा था, लेकिन आजादी के 70 साल के बाद भी यह निरंतर जारी है। उधर कोटकपूरा व जैतो में व्यापारिक जत्थबंदियों की अगुवाई में मुकम्मल बंद रखा गया। इस दौरान कोटकपूरा के ढोडा चौक में चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के सरपरस्त ओंकार गोयल व प्रधान मनोहर सिंह कालड़ा की अगुवाई में धरना भी दिया गया।
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फरीदकोट में जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ बंद पड़ा मेन बाजार
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कोटकपूरा में बंद के दौरान ढोडा चौक में धरना देते व्यापारी