नगर काउंसिल उपाध्यक्ष समेत 4 पार्षद बर्खास्त
अध्यक्ष और ईओ ने की थी लगातार तीन बैठकों से गायब रहने की शिकायत
जांच के बाद स्थानीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिव ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
स्थानक सरकार विभाग के प्रमुख सचिव आईएएस ए वेनू प्रसाद ने मुक्तसर नगर काउंसिल के मौजूदा कांग्रेस उपाध्यक्ष समेत चार पार्षदों को लगातार तीन बैठकों से नदारद रहने पर गंभीर नोटिस लेते हुए इन्हें पदों से बर्खास्त कर दिया है। प्रमुख सचिव ने काउंसिल अध्यक्ष हरपाल सिंह बेदी और तत्कालीन कार्यसाधक अफसर रवि जिंदल की शिकायत पर जांच के बाद ये कार्रवाई की। जांच में इन सभी ने बैठकों में शामिल न होने की बात तो कबूली, मगर बैठक से नदारद रहने का कोई संतोषजनक जवाब न दे सके। जिस पर प्रमुख सचिव ने इन्हें बर्खास्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार 08 जून 2017 को तत्कालीन कार्यसाधक अफसर रवि जिंदल और उसके बाद 06 जुलाई 2017 को अध्यक्ष हरपाल सिंह बेदी ने प्रमुख सचिव को शिकायत भेजी थी कि काउंसिल के उपाध्यक्ष व वार्ड नौ से पार्षद यादविंदर सिंह यादू, पूर्व विधायक सुखदर्शन सिंह मराड़ की पुत्रवधू व वार्ड चार की पार्षद किरन पाल कौर संधू, वार्ड 23 के पार्षद सुखदेव सिंह सुक्खा और वार्ड दस की पार्षद सुरजीत कौर कमेटी की बैठकें अटेंड नहीं कर रहे। तीन पार्षत लगातार तीन बार काउंसिल बैठकों से गायब रहते आ रहे हैं। नियमों अनुसार लगातार तीन बार बैठक में न पहुंचने वाले पार्षद को बर्खास्त किया जा सकता है। इसलिए इनके खिलाफ जांच की जाए।
प्रमुख सचिव की ओर से 17 अक्तूबर 2017 को पार्षदों को अपना पक्ष रखने को मौका दिया गया। कोई पार्षद पक्ष रखने नहीं पहुंचा। इस पर 20 नवंबर 2017 को इन्हें जवाब तलब किया गया। उस समय तीनों ने माना कि वह लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित रहे थे, मगर इस अनुपस्थिति का कोई संतोषजनक जवाब न दे सके। इस पर गत 03 अप्रैल को प्रमुख सचिव ने इन्हें बर्खास्त करने का आदेश सुनाया और 04 अप्रैल को स्थानक सरकार विभाग चंडीगढ़ की ओर से प्रमुख सचिव ए वेनू प्रसाद ने पत्र जारी कर इनकी बर्खास्तगी के आर्डर जारी कर दिए। शुक्रवार को यह पत्र मुक्तसर नगर काउंसिल पहुंचा। गौरतलब है कि यादविंदर यादू कट्टर कांग्रेसी नेता हैं। पूर्व विधायक मराड़ की पुत्रवधू किरनपाल कौर व सुरजीत कौर ने शिअद पक्ष से चुनाव लड़ते हुए जीत हासिल की थी। वहीं सुखदेव सुक्खा भी चुनाव के समय तक अकाली दल में ही थे, उस समय भाजपा प्रत्याशी को टिकट दे देने से गुस्साए सुक्खा ने आजाद चुनाव लड़ जीत हासिल की थी। बाद में तीनों बागी हो गए थे।
पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट के तहत हुई कार्रवाई
काउंसिल के उपाध्यक्ष यादविंदर यादू समेत चारों पार्षदों पर पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट 1911 की धारा 16सी तहत ये कार्रवाई की गई है। नगर काउंसिल अध्यक्ष हरपाल सिंह बेदी ने बताया कि इसमें प्रावधान है तीन महीने के अंतराल में होने वाली तीनों बैठकों में अगर कोई पार्षद लगातार हाजिरी नहीं लगवाता तो उसे बर्खास्त किया जा सकता है।
मराड़ की पुत्रवधू रह रही कनाडा में, ले लिया वेतन
अध्यक्ष हरपाल सिंह बेदी के अनुसार पूर्व विधायक मराड़ की पुत्रवधू किरनपाल कौर तो र्व। 2015 में चुनाव जीतने के बाद से ही कनाडा में रह रही हैं। कौर तो सिर्फ एक या दो बैठकें ही अटेंड की थीं। उनकी ओर से तो किरनपाल कौर के वेतन पर रोक लगाई गई थी। उपाध्यक्ष यादविंदर यादू ने बगैर उनके हस्ताक्षर के ही अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किरनपाल कौर को बीते दिनों सारा वेतन जारी कर दिया।
कोट
चारों पार्षदों के बर्खास्तगी के आर्डर मिल गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए सभी पार्षदों को सूचित कर दिया गया है।
- विपन कुमार अग्रवाल, ईओ नगर काउंसिल मुक्तसर
पार्षदों को बर्खास्त करने का जो फैसला हुआ है, वो बिल्कुल जायज है। ये सभी पार्षद हमेशा से ही उनके विपरीत चलते आए हैं। इन्होंने हमेशा मुझ पर झूठे आरोप लगाए। अब भी झूठे आरोपों में फंसाना चाह रहे थे।विभाग ने सही इंसाफ किया।
- हरपाल सिंह बेदी, अध्यक्ष नगर काउंसिल मुक्तसर