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किसानों ने छापा मारकर सैकड़ों क्यूसिक नहरी पानी की चोरी पकड़ी

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अबोहर। जिले में गंगकैनाल एरिया में नहरी पानी की लगातार होती कमी को देखते हुए श्रीगंगानगर किसान समिति के प्रतिनिधियों की अगुवाई में किसानों के एक शिष्टमंडल ने सोमवार को फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों में गंगकैनाल पर छापामारी कर बड़े पैमाने पर हो रही पानी की चोरी पकड़ी। समिति के संयोजक रणजीत सिंह राजू के नेतृत्व में शिष्टमंडल श्रीगंगानगर से यह गोपनीय कार्रवाई करने के लिए दबे पांव पंजाब में दाखिल हुआ।
राजस्थान के किसानों ने पंजाब के किसानों की ओर से गंगकैनाल में पानी चोरी करने के लिए लगाई गई पाइपों को जैसे ही उखाड़ना और तोड़ना शुरू किया तो पंजाब के किसानों में हड़कंप मच गया। कई किसान खुद ही अपनी पाइपें और मोटरें आदि उखाड़कर ले गए। शिष्टमंडल के किसानों ने पंजाब में सलामवाला, कमालवाला, घटियांवाली बोदला आदि गांवों जहां से गंगकैनाल निकलती है, के दोनों तरफ अवैध रूप से लगी पाइपों को उखाड़ फेंका। वाहनों में सवार होकर गए इन किसानों ने पानी चोरी करने के लिए कई फुट लंबी और आठ और दस इंच डायामीटर की लगाई गई पाइपों को कब्जे में ले लिया।
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इस बारे में संयोजक रणजीत सिंह राजू ने बताया कि पंजाब के किसान इन दिनों अपने खेतों में धान की बिजाई कर रहे हैं। जिनमें पानी की पूर्ति करने के लिए वे गंगकैनाल से पानी की चोरी करते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में जब पंजाब में आरडी 45 स्थित बगांवाला हैड से गंगकैनाल में 2200 क्यूसिक पानी छोड़ा जाता था तो राजस्थान-पंजाब सीमा पर नहर के खखां हैड पर 2050 क्यूसिक पानी पहुंचता था। लेकिन जबसे पंजाब में धान की बिजाई शुरू हुई है, खखां हैड पर करीब 1800 क्यूसिक पानी ही पहुंच रहा है। जबकि पीछे से पूरा पानी छोड़ा जाता है। इसके लिए पूर्व समिति सदस्यों ने श्रीगंगानगर में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से लगातार आग्रह किया था कि वे पंजाब जाकर गंगकैनाल का अवलोकन करें। वहां के नहरी विभाग अधिकारियों से बातचीत कर पानी की चोरी को रुकवाएं। लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया तो किसान समिति को खुद ही इसके लिए आगे आना पड़ा है। रणजीत सिंह राजू के साथ गए किसानों के जत्थे में विनोद खीचड़, गलैक्सी बराड़, कुलवंत सहारण, गुरजीत मंगा, सुभाष चाहर, ताराचंद चाहर, विजय सिहाग, शीतल सिंह, प्रभू सिंह, लाभ सिंह, राजेंद्र सिंह आदि किसान शामिल रहे। उन्होंने बताया कि पंजाब के किसानों ने गंगकैनाल के किनारों को जगह-जगह क्षतिग्रस्त कर उसमें पाइपें लगा रखी थीं। राजू ने बताया कि छापामारी के दौरान एक ओर जहां राजस्थान के किसानों में भारी रोष पाया जा रहा था वहीं उनमें कुछ भय भी था कि कहीं पंजाब के किसान इकट्ठे होकर उन पर हमला न कर दें। किसानों ने इस कार्रवाई को गोपनीय रखा। लगभग चार दर्जन जगहों पर पाइपों को उखाड़ते हुए यह जत्था दोपहर के बाद हुसैनीवाला बॉर्डर हैड पर पहुंचा।
इस समाचार की फोटो बएीआर 1 से लेकर 4 तक भेजी जा रही है।
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