फरीदकोट। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में नामजद तत्कालीन थाना सिटी कोटकपूरा के एसएचओ गुरदीप सिंह को अंतरिम जमानत दे दी है। मंगलवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जज मनोज बजाज की अदालत ने उन्हें जांच के लिए एसआईटी का सहयोग करने की हिदायतें दी हैं। एसआईटी के पास पेश होने के बाद जमानती बांड भरने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार कोटकपूरा गोलीकांड मामले में जांच के आधार पर एसआईटी ने कुछ दिन पहले ही जेएमआईसी की अदालत ने पूर्व शिअद विधायक मनतार सिंह बराड़ के अलावा पांच पुलिस अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इनमें सेे आईजी परमराज सिंह उमरानंगल व पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों को इस केस में जमानत भी मिल चुकी है जबकि पूर्व विधायक बराड़ को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली हुई है।
बाकी तीनों पुलिस अधिकारियों में से एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह व तत्कालीन डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह को भी क्रमवार जिला अदालत व हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। थाना सिटी प्रभारी गुरदीप सिंह पंधेर ने जिला अदालत से जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया था। घटना के समय थाना सिटी के एसएचओ रहे एसआई गुरदीप सिंह पर घटना से जुड़े सबूत नष्ट करने के आरोप है।ं एसआईटी का दावा है कि बार-बार बुलाने पर भी वह पेश नहीं हुए और जांच में सहयोग नहीं किया। घटना के मुख्य शिकायतकर्ता अजीत सिंह को गोली लगी थी जिसका इलाज लुधियाना के निजी अस्पताल में हुआ। वहां से एमएलआर आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा उन्होंने अपने बचाव में झूठी रिपोर्ट तैयार करते हुए कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में फायर किए जबकि रिपोर्ट में जिन पुलिस अधिकारियों के नाम लिखे गए उन्होंने एसआईटी के पास किसी भी तरह के फायर करने से इंकार किया और उस दिन घटनास्थल पर नहीं होने का दावा किया। उनपर घटनास्थल वाले मुख्य चौक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के अलावा पुलिस द्वारा फोटोग्राफर अमनदीप से करवाई वीडियोग्राफी भी नष्ट करने के आरोप हैं।
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