फरीदकोट। राज्य के मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग व बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी ने केंद्रीय सेहत व परिवार भलाई मंत्रालय की हिदायतों पर आर्थिक रूप से कमजोर जनरल वर्ग को 10 प्रतिशत कोटा देने की मंशा से राज्य के तमाम मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स की 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कोटा जनरल वर्ग से सम्बंधित 50 प्रतिशत में से ही दिया जाना है और बाकी जनरल प्रभावित न हो, इसलिए सीटों की संख्या बढ़ाने की हिदायतें दी गई है। ऐसे में सभी वर्गों को वर्तमान प्रावधान के मुताबिक सीटें उपलब्ध करवाने की मंशा से राज्य में एमबीबीएस कोर्स की 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जा रही है।
नीट - 2019 का नतीजा 5 जून तक आने की संभावना है। एमबीबीएस में दाखिले के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया जून माह के अंत तक शुरू हो जाएगी और ऐसे में उससे पहले पहले सीटों बढ़ाने के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रालय व मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया से मंजूर करवा लिया जाएगा। वर्तमान में राज्य के तीन सरकारी व पांच निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 1125 सीटें है, जिनमें से 500 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में है और 625 सीटें निजी कॉलेजों की है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों में यह सीटें बढ़ेगी या नहीं।
राज्य सरकार व बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने तीनों मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें 500 से बढ़ाकर 625 करने की तैयारी शुरू कर दी है। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ.राज बहादुर ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रालय की हिदायतों के मुताबिक इस साल से आर्थिक रूप से कमजोर जनरल वर्ग के लिए एमबीबीएस कोर्स की सीटों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। हालांकि एमडी व एमएस की सीटों के लिए यह कोटा अभी लागू नहीं किया गया है। मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग के अनुसार एमबीबीएस व बीडीएस सीटों की संख्या के बारे में दाखिला प्रक्रिया से पहले सूचित किया जाएगा। मालूम हो कि पंजाब सरकार ने 29 मई 2019 को ही राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर जनरल वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने की अधिसूचना जारी कर दी थी।