फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों का आरोप कांग्रेसी गांव झोक हरिहर में कर रहे 26 एकड़ जमीन पर कब्जा

विज्ञापन
विज्ञापन
पीड़ित परिवार की दो महिलाएं डीसी आफिस के सामने बैठी भूख हड़ताल पर
विज्ञापन

नौजवान किसान की खुदकुशी का मामला, गांव झोक हरिहर में 26 एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप
पीड़ित परिवार के समर्थन में आई किसान जत्थेबंदियां, डीसी आफिस के समक्ष दिया धरना
फौजी परिवार का दावा जमीन उनकी, दस्तावेज दिखाने में असमर्थ
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
जीरा में जमीनी विवाद को लेकर कांग्रेसी व पुलिस की धमकी से तंग आकर एक नौजवान किसान की खुदकुशी का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा है कि फिरोजपुर में कांग्रेसी नेताओं द्वारा गांव झोक हरिहर में 26 एकड़ जमीन पर कब्जा करने के मामले में दो महिलाएं डीसी आफिस के सामने भूख हड़ताल पर बैठी हैं, जिन्हें शुक्रवार को किसान जत्थेबंदियों ने समर्थन दिया। सैकड़ों किसानों ने डीसी आफिस के सामने धरना देकर कांग्रेसियों, जिला व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, एक फौजी परिवार भी उक्त जमीन अपनी होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीन से संबंधित दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
भारती किसान यूनियन एकता सिधूपुर के जिला प्रधान फतेह सिंह कोटकरोड़ ने कहा कि एक कांग्रेसी नेता का नजदीकी रिश्तेदार गांव झोक हरिहर के गरीब किसान की जमीन हड़पने का प्रयास कर रहा है। कांग्रेसी नेताओं से तंग आकर पीड़ित परिवार की महिलाएं सर्बजीत कौर व सिमरजीत कौर पिछले कुछेक दिन से डीसी दफ्तर के सामने भूख हड़ताल पर बैठी हैं। जिला व पुलिस प्रशासन ने उक्त महिलाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार को कई किसान जत्थेबंदियों ने पीड़ित परिवार का समर्थन दिया। किसानों ने डीसी दफ्तर के सामने धरना देकर कांग्रेसियों व जिला-पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी तरफ प्रेस क्लब में एक फौजी परिवार की महिला मनजीत कौर व बेटा संदीप कुमार ने प्रेसवार्ता में कहा कि झोक हरिहर की जमीन उनकी है। पिछले 65 साल से जमीन छोड़कर कहीं चले गए थे। लेकिन प्रेसवार्ता में फौजी परिवार जमीन के दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहा।
---------------
फोटो संख्या-04एफजेडआरपी03
कैप्शन--फिरोजपुर में डीसी दफ्तर के सामने किसान जत्थेबंदी धरना देते हुए।
फोटो संख्या-04एफजेडआरपी04
कैप्शन--फिरोजपुर में डीसी दफ्तर के सामने पीड़ित परिवार की दो महिलाएं बैठी भूख हड़ताल पर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें