आज होगी स्टेडियम से गायब खेलों के सामान की जांच
बरनाला व संगरूर के डीएसओ करेंगे फिरोजपुर खेल अधिकारियों से पूछताछ
शिकायत करने वाले के खिलाफ करवा दिया परचा, ताकि जांच अधिकारियों के सामने न हो सके पेश
स्टेडियम से गायब है हॉकी ट्रफ, लोहे के बोर्ड व अन्य सामान
अनिल कुमार
फिरोजपुर।
शहीद भगत सिंह स्टेडियम से हॉकी ट्रफ व लोहे के बोर्ड गायब होने के अलावा खिलाड़ियों से अधिक पैसे वसूलने व खेल विभाग के मुलाजिमों से गाली-गलौज करने के आरोप में बरनाला व संगरूर के डीएसओ सोमवार जांच-पड़ताल करने के लिए फिरोजपुर पहुंच रहे हैं। चंडीगढ़ स्थित खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को उक्त घपलों की शिकायत करने वाले मुलाजिम नछत्तर सिंह माहला (स्टेडियम का ग्राउंड सुपरवाइजर) के खिलाफ विभाग के ही कुछेक लोगों ने पुलिस में परचा दर्ज करवा दिया है ताकि जांच अधिकारियों के सामने माहला पेश होकर बयान न दे सके। आरोपियों को राजनीतिक नेता का समर्थन है।
सूत्रों के मुताबिक फिरोजपुर को हॉकी खिलाड़ी तैयार करने की नर्सरी कहा जाता था, यहां से नेशनल खिलाड़ी अजीत सिंह, नारायण सिंह लाडी, गगन अजीत सिंह के अलावा अन्य खिलाड़ी निकले हैं। इसीलिए 2005-06 में उक्त स्टेडियम में हॉकी ट्रफ तैयार किया गया था। ट्रफ बिछाने के लिए बेसमेंट तैयार करने में लगभग बारह लाख खर्च हुए थे। हॉकी खिलाड़ी व खेल विभाग के डायरेक्टर प्रगट सिंह ने जालंधर से ट्रफ खरीद कर फिरोजपुर भेजा था। ट्रफ को बिछाने के लिए जिला परिषद् के पंचायती राज एक्सीयन मंगल सिंह ने डीसी फंड से बेस तैयार कराई थी। शहीद भगत सिंह स्टेडियम के साथ ही हॉकी का स्टेडियम तैयार किया जा रहा है। वीआईपी कार पार्किग के लिए हॉकी ट्रफ उखाड़ कर स्टेडियम में रखा था, जो जेबीसी मशीन के जरिए ट्रैक्टर-ट्राली में लादकर कहीं भेज दिया। इसके अलावा स्टेडियम में तकरीबन 170 लोहे के बोर्ड लगे थे उन्हें भी किसी कबाड़ी को बेच दिए जाने की बात कही जा रही है। स्टेडियम में पंजाब व नेशनल खेल चुके खिलाड़ियों से भी प्रतिमाह धनराशि वसूली जा रही है, जो गलत है। ऐसे खिलाड़ियों के लिए सरकार की तरफ से खेल का सामान, खानपान व अन्य सुविधाएं मुफ्त में है। खिलाड़ियों को खेलने के लिए सामान तक नहीं दिया जा रहा है। निजी कोच स्टेडियम में रखे हैं जो खिलाड़ियों से कथित तौर पर दो हजार से तीन हजार रुपये वसूल रहे हैं।
सभी आरोप बेबुनियाद हैं : डीएसओ
डीएसओ बलवंत सिंह ने कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। एडीसी के आदेश पर हॉकी ट्रफ उन्होंने एचएम स्कूल व दास एंड ब्राउन स्कूल में दिया है, जिस पर खिलाड़ी खेल रहे हैं। जिला खेल अधिकारी के हक से भी वो ट्रफ किसी को भी स्पोर्ट्स के लिए दे सकते हैं। पैसे अधिक वसूलने के सवाल पर सिंह ने कहा कि ट्रायल दौरान चुने खिलाड़ियों से पैसे नहीं वसूले जा रहे हैं। खेल विभाग के नियमों के मुताबिक दूसरे खिलाड़ियों से पैसे वसूल रहे हैं।
हॉकी ट्रफ में 12 लाख लगे थे
उधर, सेवानिवृत्त डीएसओ एचएनएस लाड़ी ने कहा कि उनके सामने ही स्टेडियम में की हॉकी ट्रफ बिछाया गया था। उक्त ट्रफ विभाग के डायरेक्टर प्रगट सिंह ने फिरोजपुर को मुफ्त में दिया था। इसे बिछाने के लिए लगभग 12 लाख रुपये लगे थे। कुछ दिन पहले उखाड़ा हुआ ट्रफ स्टेडियम में पड़ा था लेकिन अब वहां से गायब है।
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कैप्शन--फिरोजपुर के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में हॉकी ट्रफ जेबीसी मशीन के जरिए ट्रेक्टर-ट्राली में लादते समय, जो स्टेडियम से गायब हो गया।
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कैप्शन--फिरोजपुर में पंजाब व नेशनल खेल चुके खिलाडिय़ों की भी काटी गई है तीन-तीन सौ रुपये की परची।