‘जमीन की निशानदेही के लिए देनी होगी सरकारी फीस’
पहले सुविधा केंद्र फीस ही लगती थी : जिला रेवेन्यु अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
कांग्रेस सरकार ने किसानों कोेे एक और झटका दे दिया है। अब किसानों कोे जमीन की निशानदेही करवाने के लिए भी सरकारी फीस देनी होगी। पहले यह मुफ्त थी, लेकिन अब पंजाब सरकार ने 1 से 5 एकड़ तक 500 रुपये, 5 से 25 एकड़ तक 2000 रुपये और 25 एकड़ से अधिक तक 5 हजार रुपये की फीस लगा दी है। यह निशानदेही अक्सर झगड़े की जमीन या जमीन बंटवारे को लेकर की जाती है।
जिला रेवेन्यु अधिकारी जश्नजीत सिंह ने कहा कि अब सरकार ने निशानदेही पर फीस निर्धारित कर दी है। पहले केवल सुविधा केंद्र फीस ही लगती थी, सरकारी फीस नहीं थी। लेकिन अब सरकारी फीस भी देनी होगी। जिले में 4 तहसीलें हैं, जहां से करीब 1 हजार निशानदेही करवाने के पत्र आ जाते हैं। यह निशानदेही तहसीलदार या नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी आदि गांव में खुद पहुंच कर करते हैं। किस किसान की कितनी जमीन है, कितने पर कब्जा है, रिकार्ड में कितनी दर्शा रही है, उस हिसाब से निशानदेही कर उसे पूरा किया जाता है। उससे पहले राजस्व विभाग के नक्शे से पुरानी बुर्जी को देखकर जमीन मापना होगा।
किसानों पर नया बोझ डाल रही सरकार : पन्नू
किसान संघर्ष कमेटी के प्रदेश प्रधान सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि सरकार आए दिन किसानों पर नया बोझ डाल रही है। पहले इसे सुविधा केंद्रों में किया, जहां पर किसानों को फीस भरनी पढ़ रही है। अब ऊपर से निशानदेही की अलग से फीस कर किसानों पर और बोझ डाल दिया है। यह किसान के हित में नही है। पंजाब सरकार ने कैबिनेट बैठक में एक नया फरमान जारी कर दिया है कि अब जमीन की निशानदेही करने पर भी फीस लगेगी। इसके लिए बाकायदा नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। यह फीस 1 दिसंबर से अदा करनी लाजमी होगी।