सरकारी और प्राइवेट शिक्षा की तुलना ढाबे व होटल से कर गए सोनी
जालंधर में बोले शिक्षा मंत्री, ढाबे के खाने और होटल के खाने में अंतर तो होता ही है
एक हजार करोड़ से किया जाएगा शिक्षा प्रणाली में सुधार : सोनी
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। प्राइवेट स्कूलों की शिक्षा और सरकारी स्कूलों की शिक्षा में शिक्षा मंत्री ओपी सोनी ने ढाबे और होटल में जैसा फर्क बताया है। उनका मानना है कि सरकारी और प्राइवेट शिक्षा में अंतर ऐसा है जैसे ढाबे के खाने व होटल के खाने में होता है। शिक्षा मंत्री डीसी दफ्तर में एक मीटिंग में पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार लाने के लिए 1000 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में जिन स्कूलों की इमारतें असुरक्षित हैं, उनकी जिम्मेदारी वहां के विधायकों को सौंपी गई है। नकल को रोकने के लिए भी उपयुक्त प्रबंध किए गए हैं, जिसके परिणाम सार्थक मिलने शुरू हो गए हैं। अध्यापकों की अन्य कामों में ड्यूटी लगाने के जवाब में उन्होंने कहा कि इस मामले में विचार किया जा रहा है लेकिन कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं कि मजबूरन अध्यापकों की ड्यूटी लगाना जरूरी हो जाता है। इस मीटिंग में मेयर जगदीश राज राजा, विधायक सुशील रिंकू, जिला कांग्रेस के प्रधान दलजीत सिंह आहलूवालिया समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
वहीं शिक्षा मंत्री ओपी सोनी की तरफ से रखी गई मीटिंग में न पहुंचने का हर्जाना जालंधर के डीईओ सेकेंडरी सतनाम सिंह को सस्पेंड होकर चुकाना पड़ा है। डीईओ के मीटिंग में न पहुंचने से गुस्साए शिक्षा मंत्री ने डीईओ को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। दरअसल शिक्षा मंत्री सोनी शनिवार को जिला परिषद प्रशासकीय कांप्लेक्स में ग्रीवेंस सेल की मीटिंग के लिए आए थे। उनकी इस मीटिंग में सभी अधिकारियों का आना जरूरी रखा गया था, लेकिन डीईओ सेकेंडरी सतनाम सिंह इस मीटिंग में नहीं पहुंचे। शिक्षा मंत्री ने डीईओ की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। इस बारे में जब डीईओ सेंकेडरी सतनाम सिंह से बात करनी चाही तो उनका मोबाइल बंद आ रहा था।
इस बारे में जब डीईओ सेकेंडरी सतनाम सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है। वह बीमार हैं, जिसके कारण वह मीटिंग में नहीं पहुंच सके। आगे की क्या सच्चाई है, वह मामले के बारे में पता करके ही बता सकते हैं।