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सतलुज दरिया की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे

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सतलुज दरिया की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे
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खेती करने के लिए दरिया सूखते ही लोगों ने जेबीसी से बनाए बांध
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
सतलुज दरिया सूखने के बाद से कई लोगों ने जेबीसी से बांध बनाकर अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया है। कई किसानों ने दरिया की जमीन पर मिर्च और अरबी की फसल बिजी है। इसके अलावा कई लोगों ने दरिया की जमीन पर गेहूं की बिजाई कर फसल काटी है। दरिया का आकार प्रतिदिन छोटा होता जा रहा है। सीमांत गांव अलीके व हबीब से लेकर हुसैनीवाला हैड तक दरिया की जमीन पर लोगों ने कब्जा किया हुआ है। कब्जों के चलते बरसातों के सीजन में धुस्सी बांध टूटने की नौबत आ जाती है। हर साल इस बांध की मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं।
राजस्थान सूबे में नहरों की मरम्मत का कार्य चल रहा है, पौंग बांध से पानी की सप्लाई बंद है। इसीलिए सतलुज दरिया पूरी तरह सूख चुका है। दरिया सूखते ही लोगों ने जेबीसी मशीन कसे बांध बना कर जमीन पर कब्जा कर लिया ह। धुस्सी बांध के साथ सीमांत गांव अलीके व हबीब से लेकर हुसैनीवाला वर्क हैड लगभग तीन किलोमीटर लंबे हिस्से तक लोगों ने दरिया की जमीन पर कब्जा किया है। अलीके गांव से पीछे भी दरिया की जमीन पर पूरी तरह कब्जा कर खेती की जा रही है। दरिया का आकार बहुत छोटा होता जा रहा है। यही कारण है कि दरिया का पानी हुसैनीवाला हैड पर ज्यादा एकत्र हो जाता है जिस कारण पानी पाक की तरफ छोड़ना पड़ता है।
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दरिया के जमीन पर खेती करने वाले लोग दर्शन सिंह, सुरजीत सिंह, काहन सिंह व शेर सिंह का कहना है कि बरसातों के सीजन में पानी की स्तर थोड़ा ज्यादा हो जाता है, जबकि अन्य दिनों में दरिया में पानी नहीं होता है। इसीलिए दरिया की जमीन पर खेती कर मिर्च, अरबी, आलू, मूली, गोबी व अन्य सब्जी की बिजाई करते हैं। दरिया की जमीन में बहुत कम लोग धान की बिजाई करते हैं, क्योंकि यह फसल बाढ़ के कारण नष्ट हो जाती है। इसीलिए बहुत कम लोग दरिया की जमीन पर धान की फसल बीजते हैं।
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