लाठियों के बीच अंधेरे में बेटे का शव लेकर भागा पीड़ित परिवार
पुलिस की शह पर कांग्रेसियों ने थाने में किया पथराव, भांजी लाठियां
अमर उजाला ब्यूरो
जीरा (फिरोजपुर)। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर थाना सदर के समक्ष बेटे जतिंदर सिंह का शव रखकर परिजनों ने धरना लगाया हुआ। इसी दौरान पीड़ित परिवार और किसान जत्थेबंदियों को खदेड़ने के लिए थाने के अंदर से कथित तौर पर कांग्रेसियों ने पथराव किया। कांग्रेसियों ने पहले बिजली बंद की ताकि पंडाल में कौन किस पर लाठी बरसा रहा है यह पता न चले। अंधेरे के बीच पीड़ित परिवार व किसान जत्थेबंदी जतिंदर का शव लेकर वहां से किसी तरह निकले और अपने गांव कचरभन पहुंचे। शरारती तत्वों ने कारों के शीशे तोड़ने के अलावा पंडाल उखाड़ दिया। इससे पहले कांग्रेसी नेता इंद्रजीत सिंह जीरा अपने समर्थकों के साथ आए। वह थाना सदर के अंदर घुस गए और अंदर ही धरने पर बैठ गए। उसके बाद भगदड़ शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि कोई पीड़ित परिवार अपने बेटे के कातिलों पर कार्रवाई करवाने के लिए धरना लगाकर बैठा है और उस पर पथराव कर थाना के समक्ष से खदेड़ दिया गया। पुलिस मूकदर्शक बनकर खड़ी रही। सोमवार रात नौ बजे योजना मुताबिक शरारती तत्वों ने पहले बिजली बंद करवाई ताकि पंडाल में अंधेरा छा जाए उसके बाद पंडाल में पथराव और लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पंडाल में चीख-पुकार शुरू हो गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। पीड़ित परिवार अपने बेटे जतिंदर सिंह का शव लेकर किसी तरह वहां से निकल कर अपने गांव कचरभन पहुंचा। जीरा शहर का माहौल इतना खराब हो गया कि दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी। यह सब कुछ होते पुलिस मूकदर्शक बनकर देखती रही।
जानकारों का कहना है कि जब खुदकुशी करने वाली लड़की के परिजनों ने जतिंदर के साथ कोई भी ताल्लुक नहीं होने की बात कही तभी कांग्रेसियों की मुसीबत बढ़ गई। पहले तो कांग्रेसी कह रहे थे कि जतिंदर का किसी लड़की से प्रेम-प्रसंग है उसने तभी खुदकुशी की है। जब यह साफ हो गया कि जतिंदर का कोई प्रेम-प्रसंग नहीं है तब कांग्रेसी खुद फंसते नजर आ रहे थे। इसलिए यह सब किया गया।
यह है मामला
महिंदर सिंह वासी कचरभन ने बताया कि वह 70 साल से गांव में ही नौ एकड़ जमीन पर खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उक्त जमीन की गिरदावरी भी उनके नाम पर है। कुछ कांग्रेसी नेताओं ने नौ एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करवा ली और उसपर अपना कब्जा जमाने लगे। यही नहीं खेत में तैयार खड़ी गेहूं की फसल की कटाई पर धारा 145 लगा दी। कांग्रेसी और थाना सदर के कुछ मुलाजिम उसके बेटे जतिंदर सिंह को धमकियां देते थे। इन्हीं कारणों से उनका बेटा परेशान रहता था इसलिए उसने खुदकुशी की है।
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फोटो संख्या-01एफजेडआरपी01
कैप्शन--जीरा (फिरोजपुर) सदर थाना के अंदर कांग्रेसी नेता इंद्रजीत सिंह जीरा अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठा हुआ।
नोट--घटना की वीडियो भेजी जा रही है।