डीएसपी दफ्तर के समक्ष पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन
एएसआई पर आरोपियों के खिलाफ दर्ज पर्चे में एससीएसटी एक्ट न लगाने का आरोप
दलित युवकों के साथ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
गांव समाघ के दलित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग पर बुधवार को नौजवान भारत सभा के नेतृत्व में मजदूरों ने शहर में रोष मार्च किया। वहीं डीएसपी कार्यालय के सामने भी प्रदर्शन हुआ। इस दौरान पुलिस विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने डीएसपी गुरतेज सिंह संधू को ज्ञापन भी सौंपा।
नौजवान भारत सभा के नेता मंगा सिंह आजाद, जिला नेता गुरांदित्ता सिंह, नौनिहाल सिंह और पंजाब स्टूडेंट यूनियन के नेता गगन संग्रामी ने कहा कि 19 दिसंबर को गांव के ही कुछ लोगों ने दो दलित युवकों को अपने घर में बंदी बनाकर पीटा था। उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि कि उन्होंने पीटने वाले लोगों को अपने घर के समक्ष खड़े होने से रोका था। नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में मनी सिंह, शनी सिंह, उनके पिता पुलिस कर्मचारी सिकंदर सिंह, साधू सिंह और बलकार सिंह पर मारपीट का मामला तो दर्ज कर लिया। मगर दलितों को पीटने व उन्हें जातिसूचक गाली देने के आरोप में एससीएसटी एक्ट नहीं लगाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि थाना बरीवाला के एएसआई करमजीत सिंह ऐसा जान बूझकर कर रहे हैं। नेताओं ने हमला करने वाले आरोपियों पर एससीएसटी एक्ट के अधीन मामला दर्ज करने, पुलिस कर्मचारी सिकंदर सिंह को मुअत्तल करने, आरोपियों की मदद करने वाले एएसआई करमजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इस मामले का हल नहीं किया गया तो वह संघर्ष तेज करेंगे। इस दौरान हरदीप कौर कोटला, धीरज कुमार, गुरभगत सिंह, सुखमंदर कौर, प्रदीप कौर, ज्ञान सिंह, महाशा सिंह, शम्मी समाघ, अमरजीत कौर, नाहर सिंह, लखवंत सिंह, हरजिंदर खोखर, रमनदीप सिंह, कुलवंत सिंह मौजूद थे।