बसों में बैठकर जम्मू-कश्मीर रवाना होते कश्मीरी लोग।
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लॉकडाउन के बाद देश के विभिन्न राज्यों से आकर पठानकोट में फंसे 1221 कश्मीरियों को 20 दिन बाद उनके घरों को रवाना कर दिया गया। उक्त कश्मीरी लोग दिल्ली समेत कई राज्यों में लेबर का काम करते थे और लॉक डाउन के बाद जम्मू-कश्मीर और पंजाब सीमा सील होने के कारण पठानकोट में ही फंस गए थे। 25 मार्च से 31 अप्रैल तक पठानकोट पहुंचे इन लोगों को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने राज्य की सीमा में दाखिल होने से रोक दिया था और पठानकोट प्रशासन को इन्हें 14 दिन क्वारंटीन करने की अपील की थी।
सोमवार को जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें 15 रोडवेज बसों के जरिए जम्मू-कश्मीर की सीमा पर लखनपुर तक पहुंचाया। वहां से स्थानीय प्रशासन उन्हें उनके घरों तक पहुंचाएगा। उक्त लोगों को जम्मू-कश्मीर भेजने से पहले प्रशासन ने दोबारा उनका मेडिकल चेकअप किया। अधिकारियों के मुताबिक सभी लोगों ने 20 दिन का एकांतवास पूरा कर लिया है और किसी में भी वायरस के लक्षण नहीं दिखे थे। विदा होने से पहले जम्मू कश्मीर के निवासियों ने पठानकोट जिला प्रशासन और पुलिस का आभार व्यक्त किया। सभी ने कहा कि जब उन्हें उनके लोगों ने लेने से मना कर दिया तक पठानकोट प्रशासन ने उन्हें आसरा दिया और दिन-रात सेवा की।
यूपी के लोगों ने भी जताई घर वापसी की इच्छा
गोसाईंपुर के उप्पल पैलेस के शरणार्थी कैंप में रह रहे यूपी के विभिन्न जिलों के निवासी शोएब, मोहम्मद शहजाद, अख्तर, दानिश, मुनाजिर, साजिर और आकाश ने बताया कि उनके साथ एकांतवास में रखे गए जेएंडके के लोगों को प्रशासन ने घर भेजा है। उसी तरह उन्हें भी भेजा जाए। एसएचओ अवतार सिंह ने कहा कि इन 15 व्यक्तियों को घर भेजने संबंधी फैसला जिला प्रशासन लेगा।