रीजनल सेंटर तब्दील करने की संभावनाओं के विरोध में मार्च
नेताओं व कार्यकर्ताओं ने डीसी को ज्ञापन सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
शहर में विद्यार्थी, अध्यापक, समाजसेवी संस्थाओं और विभिन्न सियासी पार्टियों से जुड़े नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सोमवार को रीजनल सेंटर बचाओ मंच के नेतृत्व में रोष मार्च किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस केंद्र में उच्च शिक्षा के साथ-साथ लॉ की पढ़ाई भी चल रही है। इसके लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया की एफिलिएशन जरूरी होती है। अगर यह सेंटर मौजूदा जगह से तब्दील हुआ तो यह मंजूरी रद्द हो जाएगी। इसके लिए दोबारा मंजूरी लेनी पड़ेगी, जो काउणी में मिलनी असंभव है।
वहीं काउणी जाने के लिए पहले मुक्तसर, फिर दोदा और फिर काउणी जाना पड़ता है। इसके लिए विद्यार्थियों को बसें बदलनी पड़ती हैं। काउणी के रूरल रीजनल सेंटर में कोई अतिरिक्त इमारत भी नहीं है। इसमें रीजनल सेंटर की क्लासें लग सकें। रीजनल सेंटर की कक्षाओं के लिए 17 कमरे और प्रबंधकीय ब्लॉक की जरूरत है, जो काउणी में उपलब्ध नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि रूरल सेंटर काउणी में करीब दो दशक पहले होम साइंस कॉलेज बनाया गया था। पूरे प्रबंध न होने से विद्यार्थी कम से इसे बंद करना पड़ा था। अभी भी इस जगह जो क्लासें चल रही हैं, वहां विद्यार्थियों की संख्या नामात्र है। इससे स्पष्ट होता है कि काउणी में जाने के लिए विद्यार्थी तैयार नहीं है। अगर मुक्तसर रीजनल सेंटर को यहां से तब्दील किया जाता है तो वह भी खत्म हो जाएगा। इससे सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग जाएगा।
प्रदर्शन के बाद डीसी डॉ. सुमित जारंगल को भी सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। डीसी ने भी रीजनल सेंटर गांव काउणी में न तब्दील करने का भरोसा दिलाया। सांसद शेर सिंह घुबाया ने रीजनल सेंटर तब्दील करने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह फैसला विद्यार्थियों के पक्ष में नहीं है। वह इस मसले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। इस मौके पर पीयू सेनेटर प्रो. आरडी बांसल, इंसाफ पार्टी के नेता जगमीत सिंह जग्गा, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन के गगन संग्रामी, मुक्तसर विकास मिशन के जगदीश राय ढ़ोसीवाल, सिख विरसा काउंसिल के जसवीर सिंह खालसा, जिला बार काउंसिल के महा सचिव गौतम अरोड़ा भी मौजूद थे।