बरगाड़ी कांड : मौके पर जाकर गवाहों के बयान दर्ज करेगा न्यायिक आयोग
- बेअदबी केस की जांच के लिए 16 से 18 अगस्त तक फरीदकोट में बैठेंगे जस्टिस रणजीत सिंह
- न्यायिक आयोग घटना स्थलों का भी लेगा जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। बरगाड़ी कांड सरीखे धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों की जांच के लिए प्रदेश सरकार की ओर से गठित न्यायिक आयोग अब वाकये से जुड़े मौके पर जाकर गवाहों के बयान दर्ज करेगा। इसके तहत जस्टिस रणजीत सिंह 16 से 18 अगस्त तक फरीदकोट में बैठेंगे। यह न्यायिक आयोग घटना स्थलों का भी जायजा लेगा।
पंजाब सरकार ने पूर्ववर्ती बादल सरकार के शासन काल में हुई धर्म ग्रंथों की बेअदबी के मामलों की न्यायिक जांच के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस रणजीत सिंह की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया था। यह आयोग फरीदकोट के बरगाड़ी बेअदबी मामले और उससे जुड़ी घटनाओं की जांच के लिए तीन दिनों के लिए फरीदकोट पहुंच रहा है। इस दौरान आयोग के चेयरमैन जस्टिस रणजीत सिंह की तरफ से सर्कट हाउस में बैठकर संबंधित पीड़ित लोगों, गवाहों व चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
डिप्टी कमिश्नर राजीव पराशर ने बताया कि खास तौर से बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी करने, गांव बहिबल कलां में पुलिस फायरिंग में दो युवकों की मौत समेत कोटकपूरा के मुख्य चौक में सिख संगत पर लाठीचार्ज व फायरिंग मामले की जांच की जा रही है। इनकी जांच के लिए आयोग की तरफ से गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला, बरगाड़ी, बहिबल कलां समेत कोटकपूरा में घटनास्थलों का जायजा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई भी व्यक्ति आयोग के पास नोटरी पब्लिक या ओथ कमिश्नर या किसी अन्य अथॉरिटी से तस्दीकशुदा शपथ पत्र देकर अपने बयान दर्ज करवा सकता है।
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जून 2015 में हुई थी घटना
बरगाड़ी बेअदबी मामले में सीबीआई जांच के बावजूद अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। एक जून 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरुग्रंथ साहिब का पावन स्वरूप चोरी होने का मामला सामने आया था। इसके बाद 25 सितंबर को इसी गुरुद्वारा साहिब के बाहर अश्लील शब्दावली वाला पोस्टर लगाया गया मिला। कुछ दिनों बाद ही 12 अक्तूबर को गांव बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के बाहर पावन ग्रंथ की बेअदबी की गई। घटना के विरोध में बरगाड़ी से सटे गांव बहिबल कलां में 14 अक्तूबर को सिख संगत को रोष धरने से जबरन उठाने के लिए पुलिस की ओर से फायरिंग की गई। इसमें दो युवकों की मौत हो गई थी। उसी दिन कोटकपूरा के मुख्य चौक पर भी सिख संगत पर पुलिस ने लाठीचार्ज व फायरिंग किया था। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इन घटनाओं की जांच के लिए तत्कालीन राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। बाद में बहिबल गोलीकांड की घटना को छोड़कर बाकी सभी मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। पिछले साल 13 जून को गांव बुर्ज जवाहर सिंह में बेअदबी मामले में सीबीआई के गवाह व डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी गुरदेव सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के आरोपियों को हाल ही में फिरोजपुर से गिरफ्तार किया गया है।