भारतीय मजदूर संघ ने की बैठक, पंजाब सरकार पर लगाए आरोप
शाहपुरकंडी में हुई भारतीय मजदूर संघ की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। जन समस्याओं का समाधान करने की बजाए पंजाब सरकार खुद की समस्याओं के समाधान में जुटी है। सरकार ने विधायकों, मंत्रियों के भत्ते बढ़ाने, नई महंगी गाड़ियां खरीदने और निशुल्क मोबाइल फोन बांटने संबंधी सभी समस्याओं का समाधान कर लिया पर पंजाब के लोगों के साथ किए चुनावी वायदों को पूरा नहीं किया। यह बात भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख ओपी वर्मा ने बैठक के दौरान कही। शाहपुरकंडी में आयोजित बैठक में वर्मा ने कहा कि राज्य में कार्यरत कर्मचारियों को जनवरी 2017 से दिसंबर 2018 तक बनती चार महंगाई भत्तों की किस्तों का भुगतान नहीं किया जा रहा है, अब जनवरी में पांचवी किस्त भी ड्यू हो चुकी है। 23 महीने के पिछले महंगाई भत्तों की अदायगी का कोई अता पता नहीं है। कर्मचारियों को दिए जाने वाले 6वें तथा 7वें वेतन आयोग की सरकार को कोई सुध नहीं है। 18 प्रतिशत बिजली के रेटों में बढ़ोतरी की गई है तथा कर्मचारियों पर 200 रुपये महीना जजीया टैक्स लगा दिया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह ने कहा कि पंजाब में रेत, बजरी एंव ईंटों के दाम आसमान छू रहे हैं। क्षेत्र में लोगों के आवागमन के लिए मुख्य सडकें व पुलिया टूटी पड़ी हैं, जबकि सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। जिससे कर्मचारियों व जनता में सरकार के खिलाफ भारी रोष है। अगर सरकार ने रवैया नहीं बदला तो आने वाले लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में लोग इसका हिसाब चुकता कर देंगे। उन्होंने कैप्टन सरकार से अपील करते हुए कहा कि उक्त समस्याओं का सरकार अतिशीघ्र समाधान करें नहीं तो मजदूर संघ आम जनता के साथ सड़कों पर आने के लिए मजबूर होगा। बैठक में भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।