अपने गढ़ में 2 हजार लोग भी जमा नहीं कर पाई भाजपा
शहरी क्षेत्रों में गिर रहा भाजपा का ग्राफ, अकाली दल के वर्करों ने किया किनारा
नरिंदर वैद्य
जालंधर।
सूबे में कांग्रेस सरकार को बने एक साल होने से भाजपा की ओर से बजाओ ढोल, खोलो पोल रैली का आयोजन गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू में किया गया। इसको सफल बनाने के लिए भाजपा का उच्च नेतृत्व काफी समय से तैयारियों में लगा हुआ था, लेकिन रविवार को जब यह रैली हुई तो प्रदेश भाजपा भीड़ जुटाने में नाकामयाब रही।
यहां तक की इस रैली में कांग्रेस की पोल का तो पता नहीं, लेकिन पंजाब भाजपा की ही पोल खुल गई। इस रैली में दो हजार लोगों को भी जमा नहीं कर पाई। जिस पार्टी का पंजाब प्रधान जालंधर से हो और पार्टी के बड़े नेता व पूर्व विधायक इस रैली की तैयारियों में जुट रहे हों, वहां पर जनता का न आना इस बात को जाहिर कर रहा है कि शहरी क्षेत्रों में भाजपा का ग्राफ गिर रहा है। पहले भी विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता 30 हजार से ज्यादा वोटों से हार चुके हैं।
नगर निगम चुनाव में भी भाजपा का सुपड़ा साफ हो चुका है, उस पर इस रैली में लोगों का जमा न होना, भाजपा के लिए खतरे की घंटी हो बन सकता है। भाजपा प्रधान की पोल उनके ही सहयोगी अकाली दल के नेताओं ने ही खोल दी है। अकाली दल के नेताओं और वर्करों ने भाजपा के प्रदेश प्रधान विजय सांपला से शिकायत की है कि जिला प्रधान रमेश शर्मा ने इस रैली में उन्हें बुलाया ही नहीं है। सांपला ने को पता चला कि पोल खोल रैली में सिर्फ अकाली दल के मुखिया सुखबीर बादल को ही बुलाया गया था, जिससे अकालियों में रोष है। अकाली दल के जिला प्रधान कुलवंत सिंह मन्नण ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पोल खोलो रैली से कुछ घंटे पहले रात को मुझे भाजपा नेता की तरफ से फोन आया कि आपने रविवार सुबह 10 रैली में आना है। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह बर्ताव ठीक नहीं है। उन्होंने फिर भी बात पर पर्दा डालते हुए कहा कि अगर भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल को आमंत्रित किया है, तो स्थानीय नेताओं का वहां क्या काम।