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Jalandhar: अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र से छुड़ाए 107 युवक, सात एंबुलेंस में लाए गए सिविल अस्पताल; साइन कराकर छोड़ा

Fri, 25 Apr 2025 10:55 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र से सिविल अस्पताल पहुंचे पीड़ितों ने कहा कि गांव समरावां में बने सेंटर में 45 लोगों को रखने की जगह थी, लेकिन 100 से ज्यादा को भर्ती किया गया था। हर रोज उनके साथ मारपीट की जाती थी और जमीन पर लिटाया जाता था।
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नशा छुड़ाओ सेंटर से वापस जाते युवक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जंडियाला के पास गांव समरावां में अवैध रूप से चलाए जा रहे नशा छुड़ाओ केंद्र में वीरवार शाम एसडीएम के साथ सिविल अस्पताल की टीम और पुलिस ने रेड की और 107 युवकों को छुड़ाया। सभी को सात एंबुलेंस में सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र में लाया गया। 
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डीसी जालंधर के आदेशों पर हुई कार्रवाई के बाद देर रात तक इस संबंध में कागजी कार्रवाई चलती रही। रात 10:30 बजे के करीब सभी युवकों को छोड़ दिया गया। बड़ी समस्या उन लोगों को झेलनी पड़ी, जिन्होंने उन्हें वहां इलाज के लिए दाखिल करवाया था। वे सिविल पहुंचे तो युवक वहां से जा चुके थे।

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सिविल अस्पताल के सेंटर से छूटकर वापस जा रहे युवकों ने कहा कि उनकी फाइलें जमा हैं। स्टाफ ने फाइलों के पीछे लिखवा लिया है कि उनके घर वाले लेने आए हैं। इसलिए उन्हें जाने दिया जाए। सच्चाई यह थी कि उन्हें लेने कोई भी नहीं पहुंचा था। वहीं बाद में कुछ युवकों के परिजन आए और उन्हें अपने साथ ले गए। युवकों ने बताया कि उन्हें सिविल में रखने का प्रबंध ही नहीं था। इसलिए घर भेज दिया। वहीं, अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र को बंद करवाने के लिए पुलिस की टीमें मौके पर बैठी रहीं।

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जमीन पर लिटाते थे और हर रोज मारते थे... 

अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र से सिविल अस्पताल पहुंचे पीड़ितों ने कहा कि गांव समरावां में बने सेंटर में 45 लोगों को रखने की जगह थी, लेकिन 100 से ज्यादा को भर्ती किया गया था। हर रोज उनके साथ मारपीट की जाती थी और जमीन पर लिटाया जाता था। युवक ने कहा कि वो 16 दिन से वहां दाखिल था। वह नशा छोड़ना चाहता था। बाद में पता चला कि नशा छुड़ाओ केंद्र के पास कोई कागजात नहीं था और वहां पर उन्हें अवैध रूप से रखा गया था।

कनाडा से आया था, पुलिस ने सेंटर में भर्ती करवा दिया

सिविल अस्पताल से देर रात घर वापस जा रहे एक युवक ने कहा कि वो मेहसमपुर गांव का रहने वाला है। बोला- 'मैं चमकीले दे पिंड दा हां। कनेडा तो आया सी। 10 दिन पैहलां पुलस बिना कारण मैंनूं घरों चुक के लै आई सी। उस दा पिंड विच किसे नाल झगड़ा हो गया सी।' युवक ने बताया कि दूसरे पक्ष के व्यक्ति ने खुद को सीआईए स्टाफ का कर्मचारी बताया और उसे सेंटर में भर्ती करवा दिया। वहां हालात बद से बदतर थे। जो गुंडे रखे थे, वे हर रोज मारपीट करते थे।

एसडीएम ने बंद करवाया सेंटर

एसडीएम को किसी ने शिकायत की थी कि सेंटर अवैध तौर पर चलाया जा रहा है। इसके बाद खुद एसडीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने कागजात चेक किए और बाद में सेंटर बंद करवा दिया। बाकी कार्रवाई व जांच की जा रही है।
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सिविल अस्पताल में मनोचिकित्सक विभाग के डॉ. अभयराज सिंह ने कहा कि जंडियाला के समरावां में अवैध नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था। शाम 5:30 बजे पुलिस के साथ अवैध सेंटर पर रेड की गई थी। वहां पर 100 अधिक युवकों को नशे के इलाज के नाम पर रखा गया था। वहां पर ऐसे भी मरीज मिले हैं, जिनकी कोई दवा भी नहीं चल रही थी। इन सभी मरीजों को सिविल अस्पताल के मनोचिकित्सक विभाग में इलाज के लिए लाया गया है। 
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