अनाज मंडी ट्रांसपोटेशन टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के निजी पीए के तौर पर काम करने वाले इंद्रजीत इंदी ने नए साल के दूसरे दिन विजिलेंस के दफ्तर में अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया। बहुकरोड़ी टेंडर घोटाले के मामले में पिछले चार महीने से फरार चल रहा आरोपी इंद्रजीत इंदी लग्जरी कार में सरेंडर करने के लिए पहुंचा। अदालत द्वारा भगौड़ा करने की कार्रवाई से ठीक दो दिन पहले इंदी का सरेंडर करना यह दर्शाता है कि वह काफी दबाव में था और उसे पूरा डर था कि अदालत उसे भगौड़ा करार दे सकती है।
26 अगस्त को इंद्रजीत इंदी को विजिलेंस ने नामजद किया था और चार महीने तक विजिलेंस को यह तक पता नहीं चल पाया कि इंदी कहा है और किसकी शरण में है। अंतिम बार उसे 22 अगस्त को एक सीसीटीवी कैमरे में देखा गया था जिसमें वह मंत्री आशु के घर से काले रंग का बैग लेकर निकला था। इससे पहले पूर्व मंत्री के पीए कहे जाने वाले मीनू पंकज मल्होत्रा ने भी भगौड़े घोषित होने की कार्रवाई के डर से दो दिन पहले ही विजिलेंस के सामने सरेंडर कर दिया था। अब विजिलेंस की टीम इंदी को मंगलवार को अदालत में पेश करेगी।
विजिलेंस की तरफ से टेंडर घोटाले में 16 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था जिसमें ठेकेदार तेलू राम को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद विजिलेंस की टीम ने आशु के पीए कहे जाने वाले मीनू पंकज मल्होत्रा को नामजद किया और वह शहर छोड़ कर फरार हो गया। विजिलेंस की टीम ने पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को भी एक सैलून के बाहर से गिरफ्तार किया था। इस केस के मुख्य सूत्रधार और घोटाले की कई बाते अपने पास छिपा कर बैठे मीनू पंकज मल्होत्रा और इंद्रजीत इंदी लगातार फरार चल रहे थे। मीनू पंकज मल्होत्रा के सरेंडर करने के बाद ही कयास लगाए जाने लगे थे कि इंद्रजीत इंदी जल्द ही सरेंडर कर सकता है। पहले सूचना थी कि वह 22 सितंबर को सरेंडर करने वाला है, लेकिन जब चार जनवरी को भगौड़े की कार्रवाई की तारीख पड़ी तो उसने साल के दूसरे दिन उसने सरेंडर कर दिया। सूत्र बताते है कि इंदी इस केस का मुख्य सूत्रधार है। इस घोटाले में पैसा कहां से लिया कहां दिया और किस किस के पैसे इन्वेस्ट है सब इंद्रजीत इंदी को मालूम है।
विजिलेंस अधिकारियों ने तैयारी किया सवालों का खाका
इंद्रजीत इंदी के सरेंडर करने की चर्चा सुबह से ही शहर में फैल गई थी। सुबह दस बजे चर्चा उठी कि कुछ समय बाद इंदी विजिलेंस के समक्ष सरेंडर करेगा। करीब सवा एक बजे इंदी ने विजिलेंस दफ्तर में सरेंडर किया। उसके बाद अधिकारी उसे अंदर ले गए। इंदी के आत्मसमर्पण के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने भी सवालों का खाका तैयार कर लिया है। बताया जा रहा है कि मीनू पंकज मल्होत्रा से पूछे गए सवालों से भी ज्यादा सवाल विजिलेंस ने तैयार किए हैं।
आखिर क्या है काले रंग के बैग का राज
आशु की गिरफ्तारी के बाद इंदी को उनके घर के बाहर से काले रंग का बैग लेकर जाते देखा गया था। यह सारा वाकया एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। विजिलेंस की टीम की माने तो उस बैग में ज्वैलरी के साथ साथ कुछ नकदी और जरूरी दस्तावेज थे जो इसी टेंडर घोटाले से संबंधित थे। अब विजिलेंस की टीम उस काले रंग के बैग के बारे में पता लगाएगी। टीम यह भी जांच कर रही है कि आखिर चार महीने तक इंदी ने कहां शरण ली और किसने उसकी मदद की। इंदी की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो गई थी। जिस कारण अब उसे सरेंडर करना पड़ा।
पूर्व मंत्री सहित आठ आरोपी इस मामले में हो चुके है गिरफ्तार
विजिलेंस ने यह मामला 16 अगस्त को दर्ज किया था। जिसमें तेलू राम को सबसे पहले गिरफ्तार किया। इस मामले में अभी तक पूर्व कैबीनेट मंत्री भारत भूषण आशु सहित आठ लोग गिरफ्तार हो चुके है। जिसमें ठेकेदार तेलू राम, पीए मीनू पंकज मल्होत्रा, कृष्ण लाल धोतीवाला और एजेंट पार्षद पति अनिल जैन और निजी पीए इंद्रजीत इंदी की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलाव डीएफएससी हरवीन कौर और डीएफएससी सुखविंदर सिंह भी गिरफ्तार हो चुके है। इसके अलावा बाकी जो लोग फरार है उनकी तलाश में विजिलेंस की टीम लगातार छापामारी करने में जुटी है।