इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस राज्य में हुई आतंकी घटनाओं में उसकी भूमिका की तलाश में जुट गई है।
वर्ष 2008 में दिल्ली में हुए सीरियल ब्लास्ट में भटकल की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए पंजाब पुलिस अब पुरानी फाइलें खंगालने में जुट गई है।
नाम बदलने और पुलिस को चकमा देने में माहिर इस मोस्ट वांटेड आतंकी की गिरफ्तारी की सूचना के बाद पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों ने बैठक की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2008 के बाद या उससे पहले राज्य में हुई आतंकी वारदातों में यासीन भटकल की सीधी भूमिका अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन खुफिया एजेंसियां कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं हैं।
पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि भटकल चूंकि पाकिस्तान में काफी समय रहा है।
लिहाजा वहां उसकी मुलाकात बीकेआई सहित अन्य संगठनों के आतंकियों से जरूर हुई होगी, क्योंकि हाल ही में गिरफ्तार लश्कर के मास्टर माइंड अब्दुल करीम टुंडा ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया था कि मार्च 2013 को कराची में उसकी मुलाकात बीकेआई के चीफ वधावा सिंह और रतनदीप से हुई थी।
पंजाब पुलिस हलवारा, अमृतसर, नाभा और अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर विस्फोटकों की बरामदगी के मामले की अभी तक जांच कर रही है। इन मामलों में भटकल की भूमिका तलाशी जा रही है।
एडीजीपी इंटेलिजेंस हरदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में भटकल की भूमिका को सिरे से नकारा नहीं जा सकता। हम पंजाब में हुई घटनाओं की फिर से समीक्षा करेंगे और अगर उसमें भटकल की भूमिका नजर आई तो उससे पूछताछ की जाएगी।