लंदन इमीग्रेशन एडवाइस एंड एपीयल सर्विसेज के मालिक तथा एडवोकेट हरजाप सिंह भंगाल ने खुलासा किया है कि इस समय इंग्लैंड की जेलों में 50 युवतियां कैद हैं।
यह युवतियां अपने डिपोट होने की प्रतीक्षा कर रही हैं। यही नहीं इंग्लैंड में करीब 650 कालेज बंद होने के कारण शिक्षा के लिए गए युवकों को भी इंग्लैंड डिपोट कर भारत वापस भेज रहा है।
ये जानकारी उन्होंने पत्रकारों को एनआरआई की सहूलियतों और होने वाली परेशानियों के बारे में बनाई वेबसाइट रिलीज करने के बाद दी। भंगाल ने बताया कि इंग्लैंड में डेढ़ साल बाद चुनाव हैं, इसलिए यह सख्ती की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कई एजेंट लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि शादी के बाद जो यूके ने मैरिज पर शर्त लगाई थी, उसे हटा लिया गया है। उनका कहना है कि यह गलत है।
आज भी यूके गवर्नमेंट के मुताबिक जिस व्यक्ति की वार्षिक आय 18,600 रुपये है वहीं अपने साथी (पत्नी अथवा पति) को यूके बुला सकता है।
उनके मुताबिक कोर्ट ने गवर्नमेंट को कहा था कि इस शर्त में कुछ ढील जाए लेकिन कोर्ट के यह आदेश लिखित न होने के कारण वहां की गवर्नमेंट ने इन्हें लागू नहीं किया है।
भंगाल ने कहा कि इस समय लोग अपने लाभ के लिए अपनी बेटियों को विदेश भेज रहे हैं ताकि उसके बाद वह अपने भाई अथवा परिवार को वहां बुला सकें।
वह यह नहीं जानते कि इस समय नाजायज तौर पर वहां जाना कितना मुश्किल हो चुका है। इसी कारण जेलों में कई महिलाएं भी कैद हैं।
इस मौके पर एडीसी (जनरल) प्रनीत भारद्वाज ने एनआरआई के लिए एक वेबसाइट भी लांच की। पहले किसी भी जानकारी के लिए एनआरआई को अलग-अलग साइट्स खोलनी पड़ती थी। अब इस वैबसाइट में एनआरआई को हर जानकारी एक ही प्लेटफार्म पर मिल सकेगी।
इस मौके एनआरआई सभा के पूर्व प्रधान कमलजीत सिंह हेयर, जगदेव सिंह, परमजीत सिंह रायपुर, अजीत सिंह अटवाल, सतिन्दर कौर करीहा, जगतेश्वर सिंह मजीठिया, परमजीत सिंह ढेसी सहित कई एनआरआई शामिल थे।