बहू बनी पाकिस्तान की लड़की को छोड़ना होगा भारत
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प्यार ने सरहदें नहीं देखीं, मगर अब कानून ने दोनों के बीच एक दीवार खड़ी कर दी है। गांव सठियाली के रहने वाले सोनू मसीह ने पिछले साल आठ जुलाई 2024 को पाकिस्तान के गुजरांवाला जिले की मारिया से प्रेम विवाह किया था। दोनों एक-दूसरे के लिए दुनिया छोड़ने को तैयार थे, लेकिन अब उन्हें अपनी दुनिया से ही बेदखल होना पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के नागरिकों को देश छोड़ने के आदेश दिए हैं। इसी आदेश के तहत अब मारिया को भारत छोड़कर पाकिस्तान । सोनू और मारिया के सपनों पर जैसे किसी ने पत्थर बरसा दिए हैं।
"हमने तो सिर्फ प्यार किया था... आतंकवाद नहीं," सोनू ने कांपते कांपते कहा। उसकी मां की आँखों में आंसू और पिता के चेहरे पर गहरी मायूसी है। पूरे परिवार पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो।
'सजा उन्हें क्यों, जिन्होंने नफरत नहीं फैलाई?'
परिवार सरकार से अपील कर रहा है कि जो पाकिस्तानी लड़कियां भारत आकर भारतीय नागरिकों से विवाह कर चुकी हैं, उन्हें इस आदेश से राहत दी जाए। "हम आतंकवादियों की करतूत का बदला क्यों भुगतें?" सोनू के बूढ़े पिता बलदेव मसीह ने कहा।
मारिया खुद भी इस आदेश से सदमे में है। उसकी आंखों में बसी नयी जिंदगी के सपने अब बिखरते नजर आ रहे हैं। वह बार-बार यही कहती है, "मैंने तो अपना घर बसाया था, कोई जुर्म नहीं किया।"
'कानून भी मजबूर'
गुरदासपुर रूरल के डीएसपी कुलवंत सिंह ने कहा कि वे केंद्र सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं। "हमारी सहानुभूति इनके साथ है, मगर हमें कानून के मुताबिक ही काम करना पड़ेगा।
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