सॉलिड वेस्ट सिस्टम को रद्द करने की मांग कर रही सफाई मजदूर यूनियनों ने सरकार को चेतावनी दी है। डीसी को मांगपत्र सौंपकर यूनियनों ने साफ किया है कि अगर शहर में सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट लागू होता है तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस दौरान न तो शहर से कूड़ा दूसरे किसी को उठाने दिया जाएगा और न ही खुद कूड़े को उठाएंगे। ऐसे में सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद बाद शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा जाएगी। शहर की सड़कों से निकलना मुश्किल हो जाएगा।
डीसी वरुण रूजम को सौंपे ज्ञापन में पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन और पंजाब सीवरमैन इंप्लाइज यूनियन ने 15 जनवरी तक इस प्रोजेक्ट को रद्द करने के लिए समय दिया है। इसके बाद मजदूर यूनियनें तुरंत प्रभाव से हड़ताल पर चली जाएंगी। पंजाब प्रधान चंदन ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार वाल्मीकि समाज को खत्म करने का मन बना चुकी है। यही कारण है कि पहले तो सफाई सेवकों के पदों को ठेकेदारी सिस्टम से भरना शुरू किया, अब सीधे ही राज्य में सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट लागू कर रही है।
सीएम ने रद्द किया था प्रोजेक्ट
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने समूह यूनियनों के साथ बैठक कर 31 अक्तूबर, 2011 को सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था। अब राजनीतिक और भ्रष्टाचार के दबाव में इस प्रोजेक्ट को दोबारा लागू करने का फैसला किया गया है। पवन बाबा ने कहा कि यह प्रोजेक्ट उनके अधिकारों पर डाका है। सरकार खाली पदों को भरने के बजाय उनके कार्यों को निजी हाथों में सौंप रही है। इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। डीसी को सौंपे ज्ञापन में यूनियन ने अपनी बाकी लंबित मांगें भी मंजूर करने की मांग की है।
संघर्ष की रणनीति बनाई
इस दौरान बंटू सभ्रवाल, रिंपी कल्याण, अशोक, विनोद मोदी, सन्नी सहोता, ज्ञान चंद, मुकेश हंस, संजय कल्याण, बलबीर सिद्धू, अमरजीत, अनिल कुमार, ललित गिल, गुरप्रीत वालिया सहित पूरे राज्य से यूनियन नेता और सदस्य हाजिर हुए। डीसी को ज्ञापन सौंपने से पहले समूह सफाई मजदूर यूनियनों ने एक बैठक भी की। इस बैठक में अगले संघर्ष के लिए रणनीति बनाई गई।