पंजाब के मेधावी छात्रों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने प्रदेश के स्कूलों में दसवीं में 80 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने वाले बच्चों को बारहवीं तक की शिक्षा मुफ्त देने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है।
इसके तहत बच्चों को हॉस्टल में रखकर प्रोफेशनल पढ़ाई निशुल्क प्रदान करने और 2500 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से वजीफा देने का प्रावधान भी किया जा रहा है।
राज्य के छह शहरों मोहाली, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, अमृतसर और बठिंडा में ऐसे बच्चों के लिए अलग स्कूल बनाए जाएंगे। पंजाब के विश्वविद्यालयों को इसकी जिम्मेवारी निभाने को कहा गया है।
वर्ष 2012-13 में ऐसे 3200 बच्चों की पहचान की गई है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में सोमवार को विवि के कुलपतियों और शिक्षाविदों की उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक के बाद शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और मेधावी बच्चों को 10+1 और 10+2 की पढ़ाई मुफ्त देकर उनको रोजगार के लायक बनाया जाएगा।
इन बच्चों को मुफ्त रिहायश, खाने और पढ़ाई के अलावा 2500 रुपये प्रति माह वजीफा देने का प्रावधान भी है।
मुख्यमंत्री ने विभाग की प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है कि ऐसे स्कूलों की इमारतें बनाने से पहले मुख्य आर्किटेक्ट को चंडीगढ़ के सेक्टर 16 स्थित मॉडल स्कूल की इमारत को देखने के लिए कहा जाए।