स्थानीय कमिशनरेट पुलिस की सीआईए शाखा ने भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ कर चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
इनसे भारी संख्या में रेलवे के फर्जी नियुक्ति पत्र मिले हैं। गिरोह के सदस्य युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर उनसे ठगी करते थे।
युवा जब नौकरी ज्वाइन करने पहुंचते तो यह सुनकर पैरों तले जमीन खिसक जाती कि यहां पर ऐसी कोई पोस्टिंग नहीं हुई है।
जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें दर्शन सिंह पुत्र सुरैन सिंह निवासी गांव नत जिला गुरदासपुर, व मलकीयत सिंह पुत्र करनैल सिंह निवासी गुरुनानकपुर छेहर्टा अमृतसर शामिल हैं।
साथ ही मनोज कुमार पुत्र हंस राज निवासी सलारिया नगर पठानकोट और जोधा लाल पुत्र प्रकाश लाल निवासी जीवन नंगल गुरदासपुर का भी नाम है।
एडीसीपी क्राइम हरप्रीत मंडेर ने बताया कि एसएचओ सुखदेव सिंह को सूचना मिली थी। इस पर पटेल चौक पर नाकेबंदी कर गाड़ी में सवार चारों लोगों को काबू कर लिया।
उनकी गाड़ी की तलाशी लेने पर उनके पास से रेलवे के कई फर्जी नियुक्ति पत्र निकले, जिनके जरिए वह युवाओं को ठग रहे थे।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्यों ने जालंधर, गुरदासपुर, लुधियाना, नवांशहर, समराला आदि जिलों में काफी भोले भाले युवाओं को शिकार बनाया था और उनसे करीब एक करोड़ की ठगी की थी।
एडीसीपी मंडेर ने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस गिरोह के सदस्यों के तार अन्य प्रदेशों में भी जुड़े हैं।