ऊधमपुर-कटरा सेक्शन के बीच झज्जर पुल में कथित तौर पर खामियां पाए जाने पर इस सेक्शन के बीच बिछाई गई रेल पटरी पर ट्रेन चलाने की अनुमति सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) ने अभी नहीं दी है।
इस ट्रैक की फिटनेस देखने के लिए सीआरएस ने तीन दिन निरीक्षण किया था। रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर के सभी अधिकारी वापस फिरोजपुर लौट आए हैं। रेल मंडल प्रबंधक एनसी गोयल ने कहा कि सीआरएस ने तीन दिन रेल पटरी का निरीक्षण किया। सीआरएस की रिपोर्ट आने पर ही ट्रैक की फिटनेस के बारे में पता चलेगा। जब उनसे पूछा गया कि झज्जर पुल में कुछ खामी मिली है तो इस पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई।
इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 27 से 29 जनवरी तक सीआरएस ने ऊधमपुर-कटरा सेक्शन के बीच बिछी रेल पटरी का निरीक्षण करने के दौरान उक्त सेक्शन में बने झज्जर पुल (बेअरिंग में खामी दिखी) के पिलर पर कुछ खामी देखी। यह थोड़ा सा मुड़ा हुआ है। बिना फिटनेस के मिले ऊधमपुर से कटरा के बीच ट्रेन नहीं चलाई जा सकती।
अधिकारी का कहना है कि दो फरवरी को ऊधमपुर से कटरा के बीच पैसेंजर ट्रेन चलाने की योजना थी। इसलिए रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर के सभी वरिष्ठ अधिकारी ऊधमपुर से फिरोजपुर लौट आए हैं। अब सिर्फ सीआरएस की रिपोर्ट का इंतजार किया किया जा रहा है।