फिरोजपुर में पुलिस ने हरिके पत्तन दरिया में पुल पर ईजीएस शिक्षकों की जाम लगाकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करने की योजना को विफल कर दिया। यही नहीं पुलिस ने बसों को रोककर उनमें बैठी लगभग दो दर्जन अध्यापिकाओं को गिरफ्तार किया।
कई शिक्षकों को धरनास्थल पर पहुंचने नहीं दिया। फिरोजपुर से एसएसपी मनविंदर सिंह की अगुवाई में लगभग छह सौ पुलिस मुलाजिम मक्खू और हरिके पत्तन पर तैनात थे।
ईजीएस अध्यापिका गोगा वासी गिद्दड़बाहा और परमिंदर कौर ने बताया कि वे सात अध्यापिकाएं बस में सवार होकर धरनास्थल पर जा रही थीं। पुलिस ने रास्ते में बस रोककर उनकी पांच साथियों को गिरफ्तार कर लिया और वह किसी तरह बच गईं।
इनका कहना है कि वे 2003 में एजुकेशन ग्रांटी स्कीम के तहत स्कूलों में लगे थे और उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये मानदेय मिलता था। यह स्कीम केंद्र सरकार की थी। उक्त स्कीम बंद हो गई। पंजाब सरकार ने वादा किया कि 3500 ईजीएस शिक्षक ईटीटी कर लें तो सरकार उन्हें नौकरी देगी।
सरकार ने ही ईटीटी कोर्स कराने के लिए उनसे पैसे लिए और कोर्स करवाया। अब पंजाब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। इसीलिए 3500 शिक्षकों ने वीरवार को हरिके पत्तन पुल पर जाम लगाकर यातायात ठप करने की कॉल दी थी।
फिरोजपुर, तरनतारन, अमृतसर और कपूरथला पुलिस ने चारों तरफ नाकाबंदी कर किसी भी शिक्षक को वहां नहीं पहुंचने दिया। दो दर्जन के करीब अध्यापिकाएं गिरफ्तार कर लीं। ईजीएस शिक्षक जरनैल सिंह वासी जालंधर और सुखचैन सिंह वासी मानसा ने भी सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा की।