आरपीएफ को ट्रैक के पास से मिले जनरल पॉकेट रेडियो सर्विस (जीपीआरएस) की टेक्निकल जांच-पड़ताल के लिए पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ विशेषज्ञों के पास भेजा है ताकि पता चल सके कि इसके जरिए किस जगह की लोकेशन देखी गई है।
जीपीआरएस मिलने के बाद से रेलवे छावनी स्टेशन व क्षेत्र की चौकसी बढ़ा दी गई है क्योंकि छावनी रेलवे स्टेशन भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बॉर्डर से महज दस किमी दूर है। कई बार बार्डर क्रॉस कर पाकिस्तानी नागरिक छावनी रेलवे स्टेशन फिरोजपुर पहुंच चुके हैं।
आरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट संजय गुप्ता ने बताया कि उनके एएसआई टहल सिंह को जीपीआरएस मिला था लेकिन उसकी बैटरी डेड थी। इससे यह पता नहीं चल सका कि उससे किस दिशा की लोकेशन देखी गई है।
गुप्ता ने बताया कि इस यंत्र पर यूएसए (ताइवान) लिखा हुआ है। स्टेशनों की चौकसी बढ़ा दी गई है। गुप्ता ने बताया कि इसके ऑन होने से पता चल सकेगा कि इसे कौन-कौन सी लोकेशन देखने के लिए इस्तेमाल किया गया है। साथ ही इस संबंधी दिल्ली हेड क्वार्टर में डीआईजी व आईजी स्तर के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
पंजाब पुलिस के डीएसपी विभोर शर्मा का कहना है कि जीपीआरएस की बैटरी डेड है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकता है कि इससे किस प्रकार की लोकेशन देखी गई है। क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।