हरिके पत्तन दरिया पर पुल पर वीरवार तड़के धरना दे रहे ईजीएस शिक्षकों को शरारती तत्वों ने बुरी तरह पीटा। अध्यापिकाओं को बाल से पकड़कर घसीटा और धरने से उठा दिया।
इससे नाराज शिक्षकों ने जहर लेकर पुल की डिवाइडर वाल (पुल के ऊपर बने पुल पर) पर चढ़कर खुदकुशी करने की चेतावनी दी। सूचना मिलते ही एसएसपी मनमिंदर सिंह, एसडीएम जीरा और डीएसपी धरनास्थल पर पहुंचे।
शिक्षकों ने प्रशासन से कहा कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से करवाई जाए। इस पर प्रशासन ने सीएम के सचिव से बात कर शुक्रवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय दिया। शिक्षकों ने दोपहर दो बजे धरना खत्म किया।
ईजीएस एक्शन कमेटी की मेंबर गगनदीप कौर वासी अबोहर ने बताया कि वे वीरवार सुबह साढ़े चार बजे हरिके पत्तन पुल पर पहुंच गए थे। उन्होंने साढ़े पांच बजे धरना शुरू किया।
इस बीच कुछ शरारती तत्वों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। अध्यापिकाओं के बाल पकड़कर उन्हें धरनास्थल से खींचा। बाकी शिक्षकों के साथ भी मारपीट की। इससे नाराज शिक्षक पुल के ऊपर बने पुल पर खुदकुशी करने के लिए चढ़ गए।
कौर ने बताया कि 2003 में एजुकेशन ग्रांटी स्कीम के तहत लगे थे और उन्हें प्रतिमाह मानदेय एक हजार रुपये मिलता था। यह स्कीम केंद्र सरकार की थी। उक्त स्कीम बंद हो गई।
उनसे पंजाब सरकार ने वादा किया कि 3500 ईजीएस शिक्षक ईटीटी कर लें तो सरकार उन्हें नौकरी देगी। सरकार ने ईटीटी कोर्स कराने के लिए उनसे पैसे लिए और कोर्स करवाया।
अब पंजाब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। इसीलिए शिक्षकों ने हरिके पत्तन में पुल पर जाम लगाकर यातायात ठप किया। इस मौके पर फाजिल्का से मदन लाल, मानसा से सुखदेव, जालंधर से जरनैल, मोगा से लखबीर, अमृतसर से जगमोहन और तरनतारन से गुरजंट समेत पचास अध्यापक व अध्यापिकाएं मौजूद थीं।